नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, साथ ही भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर जल्द हस्ताक्षर और अमल के लिए प्रयास करने पर सहमति जताई है।
पोलैंड के प्रधानमंत्री की 21 से 23 अक्टूबर की भारत यात्रा के दौरान यह बैठक हुई। उनके साथ करीब 100 प्रमुख उद्योगपतियों और व्यापार प्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल था।
दोनों नेताओं ने विनिर्माण, रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। भारत-यूरोपीय संघ समझौते से मशीनरी, रसायन, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग सामान के निर्यात को नए मौके मिलेंगे, ऐसा भारत का कहना है।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने पोलैंड को करीब 2.8 अरब डॉलर के सामान का निर्यात किया और 1.2 अरब डॉलर का आयात किया। पोलैंड द्वारा एक ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी का आंकड़ा पार करने पर भारत ने बधाई दी।
दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और विस्तार की जरूरत रेखांकित की। पोलैंड ने सुधारित सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता तथा 2028-29 के लिए गैर-स्थायी सीट पर भारत की उम्मीदवारी का समर्थन जताया।
दोनों नेताओं ने आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा की और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की। सीधी उड़ान सेवा, समुद्री सहयोग और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर में कनेक्टिविटी पर भी चर्चा हुई।
पोलैंड को मध्य और पूर्वी यूरोप में भारतीय कारोबारों के प्रवेश द्वार के रूप में देखा जाता है। पोलैंड ने भारतीय निवेश का स्वागत किया और कहा कि उसके यहां विस्तार के लिए माहौल अनुकूल है। 21 से 23 अक्टूबर की इस यात्रा में प्रतिनिधिमंडल के उद्योगपतियों ने दोनों देशों के सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।