चेन्नई: क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा प्रदाता वल्ट्र ने चेन्नई में अपना 34वां वैश्विक क्लाउड डेटा सेंटर रीजन शुरू किया है। इसके साथ ही एएमडी इंस्टिंक्ट एमआई355एक्स जीपीयू पर आधारित एक AI सुपरक्लस्टर बनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 20 मेगावाट क्षमता से होगी। कंपनी का दावा है कि यह भारत में अब तक की सबसे बड़ी एएमडी इंस्टिंक्ट तैनाती है।
कंपनी के मुताबिक, हर जीपीयू में 288 जीबी एचबीएम3ई मेमोरी और 8 टेराबाइट्स प्रति सेकंड मेमोरी बैंडविड्थ है। यह क्लस्टर बड़े भाषा मॉडल के प्रशिक्षण के साथ AI इन्फरेंस और शोध कार्यभार संभालने के लिए तैयार किया जा रहा है। 2027 में एमआई455एक्स जीपीयू और एएमडी हेलिओस के साथ विस्तार की योजना कंपनी ने बताई है।
भारत में AI कंप्यूट क्षमता की मांग तेजी से बढ़ रही है। स्टार्टअप, शोध संस्थानों और बड़ी कंपनियों को स्थानीय स्तर पर डेटा और कंप्यूट सुविधा चाहिए, ऐसे में यह निवेश अहम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में सार्वजनिक क्लाउड रीजन बनने से डेटा संप्रभुता, कम विलंबता और लागत पर सकारात्मक असर हो सकता है। लेकिन ऊर्जा, कूलिंग और पानी के इस्तेमाल जैसी चुनौतियों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
कंपनी का कहना है कि इस केंद्र से स्थानीय AI स्टार्टअप को वैश्विक स्तर की कंप्यूट सुविधा भारत में ही मिलेगी। रीजन की पूरी क्षमता चरणों में बढ़ाई जाएगी।
यह शुरुआत भारत में संप्रभु AI क्षमता बनाने की व्यापक कोशिश से मेल खाती है, जहां सरकारें और कंपनियां चाहती हैं कि कंप्यूट और डेटा देश में ही रहे। इस साल कई क्लाउड और चिप कंपनियों ने भारत में निवेश की घोषणा की है। विशेषज्ञों ने आगाह किया कि बिजली आपूर्ति और कुशल कार्यबल तय करेंगे कि ऐसे क्लस्टर कितनी तेजी से बढ़ेंगे, और कीमत व उपयोग से पता चलेगा कि छोटे स्टार्टअप को भी बड़ी कंपनियों जितना फायदा मिलेगा या नहीं।