नई दिल्ली: देश के डेटा सेंटर और एआई केंद्रों को जोड़ने के लिए टाटा कम्युनिकेशंस ने करीब 10,000 किलोमीटर का नया लॉन्ग-हॉल फाइबर नेटवर्क बिछाने की योजना का ऐलान किया है। गुरुवार को कंपनी ने बताया कि इसमें 400 से 450 मिलियन डॉलर का निवेश होगा।
कंपनी ने इस परियोजना को "इंडिया का एआई सुपर हाईवे" कहा है। कम विलंब वाला यह नेटवर्क देश के प्रमुख एआई डेटा-सेंटर कॉरिडोर को जोड़ेगा और टाटा कम्युनिकेशंस के वैश्विक नेटवर्क से जुड़ेगा।
पहले चरण में मुंबई-पुणे-हैदराबाद-चेन्नई मार्ग को प्राथमिकता मिलेगी। आगे के चरणों में पूर्वी तट और पश्चिम भारत की उभरती डेटा सेंटर इकाइयां — विशाखापत्तनम, भुवनेश्वर, जामनगर और गिफ्ट सिटी — जोड़ी जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय केबल लैंडिंग स्टेशन से जुड़ने के बाद भारत और दुनिया के एआई केंद्रों के बीच की कड़ी मजबूत होगी, कंपनी का कहना है।
"देशभर में डेटा सेंटर क्षमता तेजी से बढ़ रही है और अगली पीढ़ी की डिजिटल सेवाओं के लिए कनेक्टिविटी कंप्यूट क्षमता और ऊर्जा उपलब्धता जितनी ही अहम हो गई है," कंपनी ने कहा।
कंपनी के मुताबिक इस निवेश का मकसद हाइपरस्केल और नियोक्लाउड प्रदाताओं, एआई वर्कलोड, डिजिटल कारोबार, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और उभरते क्लाउड प्लेटफॉर्म की मांग को पूरा करना है।
यह ऐलान ऐसे वक्त हुआ है जब दूरसंचार विभाग ने नई दिल्ली में चल रहे एमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव 2026 में एआई-आधारित 6जी नेटवर्क, क्वांटम-सुरक्षित संचार और जीरो-ट्रस्ट सुरक्षा को प्राथमिकता क्षेत्र बताया। दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल ने कहा कि देश में करीब 1.2 अरब मोबाइल कनेक्शन हैं और लगभग हर जिले में 5जी पहुंच चुका है। दूरसंचार तकनीक विकास कोष ने करीब 500 करोड़ रुपये की 130 से ज्यादा परियोजनाओं को सहारा दिया है।
एरिक्सन कंज्यूमरलैब की रिसर्च के मुताबिक भारत में रोजाना मल्टीमॉडल एआई का इस्तेमाल 2030 तक 22 फीसदी से बढ़कर 43 फीसदी हो जाएगा, जबकि वैश्विक अनुमान 30 फीसदी का है। इससे मोबाइल ट्रैफिक अपलोड-भारी हो जाएगा।
ट्राई के एफवाई26 आंकड़ों के मुताबिक वायरलेस डेटा इस्तेमाल 24.74 फीसदी बढ़ा, लेकिन डेटा राजस्व सिर्फ 11.53 फीसदी बढ़ा। प्रति गीगाबाइट औसत राजस्व 8.97 रुपये से 8.02 रुपये तक 10.59 फीसदी गिरा।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के वरिष्ठ विश्लेषक सिद्धांत कैली के मुताबिक, "भारत के कीमत के प्रति संवेदनशील बाजार में ऑपरेटर सिर्फ डेटा दर बढ़ाकर नेटवर्क निवेश नहीं वसूल सकेंगे।"
कंपनी ने परियोजना पूरी होने की तारीख नहीं बताई है।