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23 अक्टूबर को देशभर 'पीपल अगेंस्ट SIR' मार्च, हाथ में तिरंगा लेने की अपील

नागरिक संगठनों, छात्र और किसान संगठनों के 'पीपल अगेंस्ट SIR' गठबंधन ने शुक्रवार को देशव्यापी मार्च का ऐलान किया। संगठनों ने CEC ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी, SIR नामावली रद्द और हटाए गए नाम बहाल करने की मांग की। 'हर हाथ में तिरंगा, हर गली जंतर-मंतर' का संदेश दिया गया।

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नई दिल्ली : नागरिक संगठनों, छात्र संगठनों, किसान संगठनों और अल्पसंख्यक संगठनों के 'पीपल अगेंस्ट SIR' गठबंधन ने 23 अक्टूबर को देशव्यापी मार्च का ऐलान किया है। यह मार्च मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर है।

आयोजकों के मुताबिक, चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर के आरोपों के खिलाफ यह कदम उठाया गया है। 14 अक्टूबर को हुई संयुक्त बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। मार्च की मुख्य मांगों में CEC ज्ञानेश कुमार को हटाकर उनके खिलाफ कार्रवाई, SIR मतदाता सूचियों को रद्द करना, हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करना, चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले चुनाव आयुक्त अधिनियम 2023 को निरस्त करना, निष्पक्ष तरीके से नया चुनाव आयोग गठित करना और बैलट पेपर से मतदान पर लौटना शामिल है।

आयोजकों ने जंतर-मंतर को अधिसूचित प्रदर्शन स्थल से हटाने और आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी की भी निंदा की। "जो खुद को देशभक्त मानता है वह मार्च में शामिल हो और हाथ में तिरंगा उठाए; हर भारतीय गली जंतर-मंतर की प्रतिकृति बने," ऐसी अपील की गई है।

इस गठबंधन में अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश राज, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, अर्थशास्त्री परकाला प्रभाकर, किसान नेता राकेश टिकैत, आरटीआई कार्यकर्ता अंजली भारद्वाज, साहित्य समीक्षक गणेश देवी, महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा शामिल हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में INDIA गठबंधन के नेताओं की बैठक भी होनी है।

इस मार्च में छात्र संगठनों, किसान संगठनों और नागरिक संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं। दिल्ली समेत कई शहरों में सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाए जा सकते हैं।