नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सहसंयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद बुधवार देर रात तिहाड़ जेल से रिहा हो गए। दोनों ने जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन न करने का लिखित वादा दिया, जिसके बाद विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने उनकी रिहाई का आदेश दिया।
दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर की बैरिकेडिंग फांदकर तिरंगा फहराने के मामले में हिरासत में लिया गया था। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।
मजिस्ट्रेट ने दोनों को 50-50 हजार रुपये के निजी और जमानती बॉन्ड पर रिहा किया और कहा कि उनके खिलाफ जांच जारी रहेगी। "मैं शांति भंग नहीं करूंगा," दोनों ने यह वादा दिया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर कानून के मुताबिक दोबारा प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित होने तक वहां प्रदर्शन नहीं होगा। अगली सुनवाई शुक्रवार को है।
रिहाई के एक दिन बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों को पूछताछ के लिए समन भेजा। जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रवेश, सरकारी आदेश की अवहेलना और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को रोकने के मामले में दो केस दर्ज हैं। CJP सदस्य अजिंक्य शिंदे को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में इंडिया गठबंधन के नेताओं की गुरुवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंस होगी। 'वोट चोरी' के खिलाफ आगे के प्रदर्शनों की रूपरेखा, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली की तैयारी पर चर्चा होगी। संयुक्त किसान मोर्चा ने 23 अक्टूबर को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है।