छात्रों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और समाज के काम आने वाले नए विचारों को बढ़ावा देने वाली 12वीं राष्ट्रीय इन्स्पायर-मानक प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता में महाराष्ट्र के छात्रों ने चमकदार प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय स्तर की ‘सुपर 60’ श्रेणी में राज्य के सात छात्रों ने जगह बनाई है। अहिल्यानगर की श्रद्धा रमेश लोंढे ने राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल करते हुए विशेष स्वर्ण पदक जीता है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने सभी छात्रों, उनके मार्गदर्शक शिक्षकों और माता-पिता को हार्दिक बधाई दी है।
नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में हुई प्रतियोगिता नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में 12 से 14 अक्टूबर 2026 के बीच यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता हुई। देशभर से करीब 800 बाल वैज्ञानिकों ने इसमें हिस्सा लिया। महाराष्ट्र से शैक्षणिक वर्ष 2023-24 और 2024-25 के 35 छात्रों की परियोजनाएं पेश की गईं। नवाचार, सामाजिक उपयोगिता, इस्तेमाल में आसानी और असल जिंदगी में उपयोग के आधार पर देशभर की 60 सर्वश्रेष्ठ परियोजनाएं ‘सुपर 60’ श्रेणी के लिए चुनी गईं। इनमें से सात परियोजनाएं महाराष्ट्र की थीं।
श्रद्धा लोंढे के AI प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय स्वर्ण पदक अहिल्यानगर जिले के न्यू इंग्लिश स्कूल, चांदगांव की छात्रा श्रद्धा रमेश लोंढे ने दृष्टिबाधित छात्रों के लिए विकसित प्रोटोटाइप ‘एआई बेस्ड टीचर असिस्टेंट फॉर ब्लाइंड्स’ (AI Based Teacher Assistant for Blinds) पर राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से दृष्टिबाधित छात्रों की पढ़ाई की दिक्कतें दूर करने वाली इस परियोजना के लिए केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने श्रद्धा को स्वर्ण पदक, स्मृति चिह्न, प्रमाण पत्र और लैपटॉप देकर सम्मानित किया।
‘सुपर 60’ में चमके महाराष्ट्र के सात बाल वैज्ञानिक 1. श्रद्धा रमेश लोंढे, न्यू इंग्लिश स्कूल, चांदगांव (जिला अहिल्यानगर), राष्ट्रीय प्रथम स्थान और स्वर्ण पदक
2. राजवर्धन प्रदीप काले, जिला परिषद प्राथमिक शाला, लक्ष्मीवाड़ी (जिला सांगली)
3. देविका सुहास ताड, एम. ई. एस. रानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स मिलिट्री स्कूल, पुणे
4. अर्णव भुसारी, सिटी प्राइड स्कूल, पुणे
5. गीता गणपत धनवडे, डी. ई. एस. माधव सदाशिव गोलवलकर गुरुजी माध्यमिक विद्यालय, पुणे
6. शांभवी रामनप्पा अजगुंडे, के. एल. ई. मंगरुळे हाई स्कूल, अक्कलकोट (जिला सोलापुर)
7. विराज संदीप शिंदे, पोदार इंटरनेशनल स्कूल, वाशिम
इन सभी बाल वैज्ञानिकों को डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
सरकार की ओर से ‘नासा’ से ‘जापान’ तक जाने का सुनहरा मौका छात्रों की वैज्ञानिक प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है, शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने कहा। राज्य सरकार की ‘विद्यार्थी विज्ञान वारी’ पहल के जरिए पहले ही मेधावी छात्रों को अमेरिका की अंतरिक्ष शोध संस्था ‘नासा’ (NASA) का दौरा करने का मौका मिल चुका है।
अब राष्ट्रीय स्तर पर ‘सुपर 60’ में चुने गए इन छात्रों को राज्य विज्ञान शिक्षण संस्था और प्रादेशिक विद्या प्राधिकरण की ओर से ‘साकुरा साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम’ के तहत जापान जाने का अवसर मिलेगा।

