नई दिल्ली : गूगल अपने सर्च के संवादी AI मोड में विज्ञापन 10 देशों में शुरू करने जा रहा है। इनमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, केन्या, मलेशिया, न्यूजीलैंड, नाइजीरिया, पाकिस्तान, फिलीपींस और सिंगापुर शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक ये विज्ञापन साफ तौर पर "स्पॉन्सर्ड" बताए जाएंगे। ब्राजील, मैक्सिको और ब्रिटेन में ये 2026 की चौथी तिमाही में शुरू होंगे।
यह फैसला अल्फाबेट के सितंबर तिमाही नतीजों के बाद आया है। कंपनी की आमदनी 25 फीसदी बढ़कर 127.6 अरब डॉलर हुई, लेकिन विश्लेषकों के 128.2 अरब डॉलर के अनुमान तक नहीं पहुंच सकी। शुद्ध मुनाफा 25 फीसदी गिरकर 26.17 अरब डॉलर रहा और प्रति शेयर कमाई 2.67 डॉलर रही, जबकि 3.02 डॉलर की उम्मीद थी।
विज्ञापन आमदनी 11 फीसदी बढ़कर 82.01 अरब डॉलर हुई, पर वह भी 1.41 अरब डॉलर कम रही। सर्च कारोबार की आमदनी 12 फीसदी बढ़कर 63.35 अरब डॉलर हुई; पिछली तिमाही में यह 17 फीसदी बढ़ी थी। यूट्यूब की विज्ञापन आमदनी 9.2 फीसदी बढ़कर 11.21 अरब डॉलर रही।
कंपनी के मुख्य कारोबार अधिकारी फिलिप शिंडलर ने साफ किया कि AI मोड का बढ़ता इस्तेमाल आमदनी की रफ्तार धीमी होने की एक वजह है। "AI ओवरव्यूज की तेज बढ़त का असर हुआ, क्योंकि AI मोड में हमें कम मॉनेटाइजेशन मिल रहा था," उन्होंने कहा।
एक अच्छी खबर क्लाउड की रही। गूगल क्लाउड की आमदनी 103 फीसदी बढ़कर 30.71 अरब डॉलर हुई और उसका परिचालन मुनाफा 11.1 अरब डॉलर हो गया। लेकिन कंपनी का मुक्त नकदी प्रवाह लगातार दूसरी तिमाही में माइनस 9.07 अरब डॉलर रहा। तिमाही में पूंजीगत खर्च 51.4 अरब डॉलर रहा, जो साल भर पहले 24 अरब डॉलर था। 2026 के लिए यह खर्च 195 से 205 अरब डॉलर रहेगा और 2027 में और बढ़ेगा, ऐसा मुख्य वित्त अधिकारी अनात अश्केनाजी ने बताया।
नतीजों के बाद अल्फाबेट के शेयर आफ्टर-आवर्स कारोबार में 10 फीसदी गिर गए। स्पेसएक्स में हिस्सेदारी की वजह से कंपनी को 8.7 अरब डॉलर का घाटा हुआ।
नतीजों से कुछ घंटे पहले ही गूगल ने जेमिनी 4 कार्बन नाम का नया AI मॉडल पेश किया। कंपनी का दावा है कि साइबर सुरक्षा के कामों में यह मॉडल सबसे आगे है। आर्टिफिशियल एनालिसिस इंटेलिजेंस इंडेक्स पर इसे 59 अंक मिले। कंपनी के मुताबिक सुरक्षित कोड बनाने में यह आर्गॉन से दोगुनी सफलता दर पर काम करता है। फिलहाल यह फेयरविंड कार्यक्रम के तहत चुनिंदा साइबर रक्षकों को ही मिल रहा है।
सुंदर पिचाई ने बताया कि AI मोड में सवाल पारंपरिक सर्च से औसतन तीन गुना लंबे होते हैं और दुनिया भर में पांच में से एक सर्च आवाज, तस्वीर या दस्तावेज का इस्तेमाल करता है। हर महीने 50 अरब से ज्यादा विजुअल सर्च हो रहे हैं।