जल्दी खराब होने वाले उत्पादों की भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष योजना
योजना के बारे में
मध्य प्रदेश सरकार के बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा शुरू की गई "खराब होने वाले उत्पादों की भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष योजना" योजना का उद्देश्य सभी पात्र किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान सहायता प्रदान करके शीत भंडारण क्षमता को बढ़ाना है
लाभ
- अनुदान सहायता 5, 000 मीट्रिक टन क्षमता तक शीत भंडारण सुविधाओं के लिए अधिकतम ₹1,000/- तक की परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अनुदान
पात्रता
- आवेदक एक किसान होना चाहिए।-आवेदक को मध्य प्रदेश का निवासी होना चाहिए
आवेदन कैसे करें
Offline
- आवेदक को बागवानी विभाग के जिला कार्यालय से संपर्क करना चाहिए
आवश्यक दस्तावेज़
- पहचान का प्रमाण।
- निवास प्रमाण पत्र।
- आवश्यकतानुसार कोई अन्य दस्तावेज।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- इस योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य शीत भंडारण सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके खराब होने वाले उत्पादों की भंडारण क्षमता को बढ़ाना है।
- कौन सा विभाग इस योजना को लागू करता है?
यह योजना मध्य प्रदेश सरकार के बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा कार्यान्वित की जाती है।
- इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए कौन पात्र है?
सभी किसान इस योजना के तहत आवेदन करने के पात्र हैं।
- इस योजना के तहत दी जाने वाली अधिकतम वित्तीय सहायता क्या है?
अधिकतम वित्तीय सहायता परियोजना लागत का 50 प्रतिशत है, ₹ 2,00,00,000/- तक
- इस योजना के तहत शीत भंडारण की क्षमता सीमा क्या है?
इस योजना में 5,000 मीट्रिक टन क्षमता तक की शीत भंडारण सुविधाएं शामिल हैं।
- एक किसान इस योजना के लिए कैसे आवेदन कर सकता है?
किसान बागवानी विभाग के जिला कार्यालय से संपर्क करके आवेदन कर सकते हैं।
- क्या सहायता एकमुश्त अनुदान के रूप में प्रदान की जाती है या आवर्ती सहायता के रूप में?
यह सहायता एकमुश्त अनुदान के रूप में प्रदान की जाती है।
- अधिक जानकारी या सहायता के लिए आवेदक को कहाँ संपर्क करना चाहिए?
आवेदक को बागवानी विभाग, मध्य प्रदेश के जिला कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।
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