रायपुर : वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) पर बहस के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को सरकार तैयार है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को यहां यह बात कही।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के तीन दिन के आयोजन के समापन समारोह में शाह ने कहा, "संसद चलने दीजिए। एसआईआर पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने को हम तैयार हैं। हिम्मत है तो देश की जनता के सामने बहस के लिए आइए। संविधान की कॉपी हाथ में लेकर घूमना संविधान का समर्थन नहीं है। आचरण संवैधानिक होना चाहिए।"
उन्होंने कांग्रेस पर नक्सलवाद का लगातार समर्थन करने का आरोप लगाया। 2010 में तत्कालीन गृहमंत्री पी. चिदंबरम के कथित बयान का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि तब कहा गया था कि माओवादियों को हथियार जमा करने की जरूरत नहीं, बस हिंसा रोकनी है।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने माओवादियों के 'जनताना सरकार' का समर्थन किया, जिसके अपने मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और वित्तमंत्री थे। "अब उन्होंने नकली संसद लगाकर संसद का मजाक बनाया है," वे बोले।
शाह ने कहा कि कानून मानने वालों को नागरिक माना जाएगा और कानून तोड़ने वालों से सुरक्षा बल सख्ती से निपटेंगे — चाहे बस्तर हो, पूर्वोत्तर हो या कश्मीर।
सोमवार को हैदराबाद में भी उन्होंने ऐसी ही चुनौती दी थी। तब उन्होंने कहा था कि एसआईआर में तीन करोड़ नाम हटाए गए हैं।
भाजप का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान खत्म होने के वक्त यह बयान आया है। पार्टी के पदाधिकारियों को अभियान को मिले समर्थन का भरोसा है और दूसरा चरण दिवाली के बाद शुरू होगा।