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स्विगी का घाटा 922 करोड़ पर आया, राजस्व 54% बढ़ा

स्विगी का दूसरी तिमाही का घाटा घटकर 922 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 1,092 करोड़ था। राजस्व 54.4 प्रतिशत बढ़कर 5,561 करोड़ रुपये हो गया। क्विक कॉमर्स राजस्व 33.3 प्रतिशत और फूड डिलीवरी राजस्व 21.6 प्रतिशत बढ़ा।

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स्विगी का घाटा 922 करोड़ पर आया, राजस्व 54% बढ़ा

बेंगलुरु : ऑनलाइन फूड और किराना डिलीवरी कंपनी स्विगी का चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही का घाटा घटकर 922 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का घाटा 1,092 करोड़ रुपये था। घाटा कम होने के बावजूद कंपनी अभी मुनाफे में नहीं आई है।

इस तिमाही में कंपनी का राजस्व 54.4 प्रतिशत बढ़कर 5,561 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 3,601 करोड़ रुपये था। एबिट्डा घाटा 798 करोड़ रुपये से घटकर 770 करोड़ रुपये रहा। यानी खर्च बढ़ने के बावजूद कार्यक्षमता में सुधार दिखता है।

कारोबार के हिसाब से देखें तो क्विक कॉमर्स का राजस्व 33.3 प्रतिशत बढ़कर 1,306 करोड़ रुपये हो गया; पिछले साल यह 980 करोड़ रुपये था। फूड डिलीवरी का राजस्व 21.6 प्रतिशत बढ़कर 2,338 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल 1,923 करोड़ रुपये था। क्विक कॉमर्स में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भी इस सेगमेंट ने तेज वृद्धि बनाए रखी।

निवेशकों के लिए अहम बात यह है कि बाजार वृद्धि की रफ्तार और घाटा घटने के रुझान, दोनों पर नजर रख रहा है। त्योहारी मौसम की मांग और क्विक कॉमर्स प्रतिस्पर्धा का असर अगली तिमाही में दिखेगा, ऐसा विश्लेषकों का मानना है।

कंपनी के क्विक कॉमर्स सेगमेंट की वृद्धि पिछली कुछ तिमाहियों की बड़ी चर्चा रही है। इस क्षेत्र में मुकाबला तेज है और ग्राहकों को लुभाने के लिए छूट व तेज डिलीवरी पर जोर है। राजस्व बढ़ने के बावजूद मुनाफे के लिए खर्च काबू में रखना चुनौती है। त्योहारी सीजन में ऑर्डर बढ़ने से अगली तिमाही में सुधार की उम्मीद है। निवेशक क्विक कॉमर्स मार्जिन पर नजर रख रहे हैं।