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राजघाट पर श्रद्धांजलि; पोलैंड के पीएम टस्क का भारत दौरा

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को नई दिल्ली में राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। व्यापार, रक्षा और रूस-यूक्रेन संघर्ष प्रमुख मुद्दे रहेंगे।

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नई दिल्ली: पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार सुबह राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के मकसद से जारी तीन दिवसीय दौरे का यह अहम पड़ाव रहा।

टस्क 21 अक्टूबर को भारत पहुंचे हैं और 23 अक्टूबर तक दौरा चलेगा। राजघाट पर उन्होंने पुष्पचक्र अर्पित कर राष्ट्रपिता के स्मारक को नमन किया।

इसके बाद वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। दोनों देशों के सहयोग को बढ़ाने पर जोर रहेगा।

इससे पहले गुरुवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने टस्क से मुलाकात की। विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग गहरा करने पर चर्चा हुई। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, "पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क से मुलाकात कर खुशी हुई। भारत-पोलैंड सहयोग बढ़ाने पर उनके विचार अहम हैं।" उन्होंने मोदी के साथ होने वाली बैठक से रणनीतिक साझेदारी आगे बढ़ने की उम्मीद जताई।

टस्क मोदी के न्योते पर भारत आए हैं। उनके साथ पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेई डोमान्स्की और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल है।

व्यापार, रक्षा और रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। बदलते यूरोप में भारत की भूमिका और द्विपक्षीय निवेश पर भी चर्चा होगी।

भारत और पोलैंड के रिश्ते पिछले कुछ सालों में बढ़े हैं। रक्षा उत्पादन, ऊर्जा, कृषि प्रसंस्करण और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की क्षमता है। टस्क के साथ आए व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भारतीय उद्योगों से बैठकें कर सकते हैं। यूरोप में युद्ध के चलते खाद्य और ऊर्जा आपूर्ति शृंखलाएं बदली हैं और भारत इस मामले में अहम साझेदार माना जाता है। दौरे में दोनों देशों के बीच कुछ समझौतों की उम्मीद है।

राजदूत स्तरीय बैठकों के साथ व्यापार गोलमेज परिषद भी होने की संभावना है। पोलैंड यूरोप का अहम बाजार है और भारतीय कंपनियों के लिए वहां निवेश के मौके हैं। इस दौरे पर यूरोप और एशिया के बीच व्यापार बढ़ने की नजर से ध्यान है।