कोलकाता: ईडी दफ्तर की सीढ़ियां उतरकर बाहर निकले पूर्व मंत्री को पुलिस की गाड़ी में बैठना पड़ा. दुर्गा पूजा पास बिक्री घोटाले में बांक्षल कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन को 10 नवंबर तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया.
सेन राज्य के सूचना और संस्कृति विभाग के पूर्व मंत्री और गायक हैं. बुधवार शाम वह साल्ट लेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित ईडी दफ्तर में पूछताछ के लिए पहुंचे थे. करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद कोलकाता पुलिस की जासूसी शाखा की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया और लालबाजार ले गई.
सुनवाई में सरकारी वकील ने जमानत अर्ज का विरोध किया. सेन के वकील ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लंबित है और उन्होंने जांच में सहयोग किया है. आरोप झूठे होने का दावा भी उन्होंने किया.
पुलिस के मुताबिक, "उनके जरिए करोड़ों का लेन-देन हुआ पाया गया, जिसका वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके," ऐसा जासूसी शाखा के संयुक्त आयुक्त (अपराध) कुणाल अग्रवाल ने कहा.
शिकायत बोवबाजार थाने में दर्ज हुई थी. अंतरराष्ट्रीय यात्रा सलाहकार जयदीप मुखर्जी की शिकायत के मुताबिक, सेन और उनकी पत्नी मधुच्छंदा ने 'मासआर्ट' संस्था के जरिए 24 लोकप्रिय दुर्गा पूजा पंडालों में एंट्री के लिए 4,000 से 12,000 रुपये के टिकट बेचे और यूनेस्को से साझेदारी का झूठा दावा किया, जिसे यूनेस्को ने बाद में खारिज किया.
जांच के सिलसिले में 29 सितंबर को ईडी ने सेन से जुड़े 15 ठिकानों पर छापे मारे थे.
सेन और उनकी पत्नी ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को खारिज किया है. तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने जांच को राजनीति से प्रेरित बताया है. सेन की रिकॉर्ड कंपनी ने पूर्व मुख्यमंत्री को जो करीब 30 लाख रुपये दिए, वे उनके गानों और साहित्यिक कामों की कानूनी रॉयल्टी थे और टीडीएस काटकर हिसाब में दर्ज हैं, ऐसा भी उन्होंने साफ किया था.
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मामले में दूसरा सुर जोड़ा. "ईडी और कोलकाता पुलिस दोनों उनकी जांच कर रहे थे. सबूत मिले होंगे और उसी आधार पर कानूनी कार्रवाई हुई होगी," उन्होंने कहा. पूर्व मुख्यमंत्री की भी इसमें भूमिका होने का आरोप उन्होंने लगाया.
इस साल मई से तृणमूल के कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार और वसूली के मामले दर्ज हुए हैं.