बेंगलुरु: गूगल डीपमाइंड और मेटा की फेयर लैब के पूर्व शोधकर्ताओं द्वारा स्थापित एआई शोध संस्था चैरियट ने गुरुवार को 'चैरियट-1-एएसआर रियलटाइम' स्पीच रिकग्निशन मॉडल पेश किया। कंपनी का दावा है कि 10 सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भारतीय भाषाओं में इसने सभी प्रतिद्वंद्वियों से कम गलतियां कीं।
यह मॉडल इंडियाएआई मिशन के तहत चुनी गई पहली चार टीमों में से एक है। ज्यादातर स्पीच मॉडल एक ही काम के लिए बनते हैं, जबकि चैरियट-1 स्पीच के लिए बुनियादी मॉडल है, ऐसा कंपनी ने कहा। जिस तरह बड़े भाषा मॉडल टेक्स्ट सीखते हैं, उसी तरह यह स्पीच सीखता है।
स्पीच रिकग्निशन दो तरह का होता है। वॉइस एजेंट, कॉल सेंटर और कैप्शन में इस्तेमाल होने वाला लाइव सिस्टम बोलते ही टेक्स्ट लिखता है, जबकि 'बैच' सिस्टम रिकॉर्डिंग पूरी होने पर उस पर काम करता है। चैरियट का कहना है कि उसका लाइव सिस्टम दोनों से ज्यादा सटीक रहा।
79 सार्वजनिक टेस्ट सेट पर इस मॉडल ने सबसे मजबूत 'बैच' सिस्टम से 9 फीसदी कम और गूगल के जेमिनी 3.5 ट्रांसक्राइब से 26 फीसदी कम गलतियां कीं, ऐसा कंपनी ने कहा। हिंदी में इसने दूसरे नंबर के सिस्टम से 23 फीसदी कम गलतियां कीं। असली हिंदी और भारतीय-अंग्रेजी फोन कॉल, जिलों की हिंदी बोलियों और शोर भरी रिकॉर्डिंग पर भी यह मॉडल अव्वल रहा, ऐसा दावा किया गया।
इस मॉडल में क्षेत्रीय उच्चार और भाषाओं के मेल से बनी बोली संभालने की क्षमता है और यह हिंदी के लिए देवनागरी या अंग्रेजी शब्द लैटिन लिपि में भी लिख सकता है। बैंक, बीमा कंपनियां, टेलीकॉम सेवाएं और सार्वजनिक हेल्पलाइन एक ही मॉडल से 10 भाषाओं में ग्राहक सेवा दे सकती हैं, ऐसा कंपनी का कहना है। मॉडल platform.chariot.in पर उपलब्ध है। नतीजों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।