कोलकाता: फर्जी तरीके से जारी स्टांप पेपरों का इस्तेमाल कर पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं और आम लोगों से शपथपत्र कराने का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब मांगा है।
याचिका के मुताबिक, ये शपथपत्र निर्वाचन आयोग के सामने चल रहे विवाद में एक प्रतिद्वंद्वी गुट को समर्थन देने के लिए लिए गए थे।
मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे और न्यायमूर्ति मो. शब्बर रशीदी की डिवीजन बेंच ने 20 अक्टूबर को राज्य सरकार को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं, इस पर विशेष आपत्तियों के साथ यह हलफनामा देना है।
आदेश के बाद मामले का अगला कदम राज्य का जवाब है। तब तक कोर्ट ने आरोपों पर कोई राय नहीं बनाई है।
याचिका में दो बातें हैं। स्टांप पेपर फर्जी तरीके से जारी हुए, और पुलिस ने उनका इस्तेमाल कर टीएमसी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से शपथपत्र कराने के लिए दबाव बनाया। इस दौर में ये दोनों आरोप हैं।
राज्य के हलफनामे के बाद बेंच के सामने अगली सुनवाई होगी।