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कांग्रेस उम्मीदवार को राहत; कलकत्ता हाई कोर्ट ने जमानत 25 नवंबर तक बढ़ाई

नंदिग्राम उपचुनाव के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की अंतरिम जमानत कलकत्ता हाई कोर्ट ने 25 नवंबर तक बढ़ा दी. वहीं, सीजेपी नेताओं की न्यायिक हिरासत बढ़ने पर ममता बनर्जी ने इसे 'राज्य प्रायोजित आतंकवाद' कहा.

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कोलकाता: नंदिग्राम उपचुनाव के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की अंतरिम जमानत कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को 25 नवंबर तक बढ़ा दी.

जस्टिस पार्थ प्रतिम रॉय की एकल अवकाश पीठ ने यह जमानत बढ़ाई. पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति ने भी जस्टिस रॉय के आदेश का हवाला देते हुए बयान जारी किया.

29 सितंबर को नंदिग्राम उपचुनाव लड़ने के लिए प्रधान को पहली बार जमानत मिली थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा. सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत आदेश में हस्तक्षेप न करते हुए राज्य सरकार को कलकत्ता हाई कोर्ट में जाकर कार्यवाही करने को कहा था.

प्रधान की पिछली अंतरिम जमानत 21 अक्टूबर तक थी और उन्हें पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया स्थित जिला अदालत में आत्मसमर्पण करना था. लेकिन जमानत खत्म होने से एक दिन पहले हाई कोर्ट ने उसे बढ़ा दिया.

प्रधान ने ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट के समर्थन से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था. ममता बनर्जी ने अपनी उम्मीदवार संचिता दे प्रधान के आखिरी समय में नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन दिया था. प्रधान करीब 1.23 लाख वोटों के अंतर से भाजपा की हसिरानी राठ से हार गए थे.

वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं की न्यायिक हिरासत बढ़ने पर ममता बनर्जी ने मंगलवार को तीखी प्रतिक्रिया दी. 'यह राज्य प्रायोजित आतंकवाद है,' उन्होंने कहा. सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रंका और सौरव दास को प्रताड़ित किए जाने का आरोप भी उन्होंने लगाया.

इस बीच, ममता बनर्जी ने दिल्ली में एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शनों के मद्देनजर केंद्र पर जमकर हमला बोला. 'लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है,' उन्होंने आरोप लगाया. राज्य कांग्रेस अध्यक्ष सुवंकर सरकार ने कहा कि पार्टी को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. राज्य में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है.