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शिक्षकों पर राजनीति की रोक, नई औद्योगिक नीति मंजूर; बंगाल कैबिनेट के फैसले

पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने नई औद्योगिक नीति को मंजूरी दी, जिसका ऐलान 5 नवंबर को होगा। भविष्य में स्कूल सर्विस कमीशन से भर्ती होने वाले शिक्षक सक्रिय राजनीति नहीं कर सकेंगे, और 1,199 नए पद भी बनाए गए।

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नई औद्योगिक नीति आ रही है और उसका ऐलान 5 नवंबर को नबन्ना से होगा। राज्य कैबिनेट ने बुधवार को नीति को मंजूरी दी, साथ ही यह फैसला भी किया कि आगे भर्ती होने वाले सरकारी स्कूल शिक्षक चुनावी राजनीति से दूर रहेंगे।

कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दोनों फैसलों को त्योहारों के कैलेंडर से जोड़ा। उन्होंने कहा, "धनतेरस, दिवाली और काली पूजा करीब हैं। यह हमारे लिए शुभ समय है। 5 नवंबर को दो सरकारी कार्यक्रम होंगे - राज्य की औद्योगिक नीति का ऐलान और किसानों को पैसे का हस्तांतरण।"

अधिकारियों के मुताबिक औद्योगिक नीति प्रोत्साहन, तेज मंजूरी और जमीन आवंटन के नियमों में बदलाव के जरिए नया निवेश खींचने पर केंद्रित है।

किसानों के मामले में कैबिनेट ने उन सभी किसानों को ₹3,000 अतिरिक्त देने को मंजूरी दी जिन्हें केंद्र की पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ मिलता है। यह रकम मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत दो किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त ₹2,000 की 5 नवंबर को करीब 48 लाख पंजीकृत किसानों के खाते में जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री हुगली के पुरसुरा में कार्यक्रम में शामिल होंगे और वहीं से रकम भेजी जाएगी।

कैबिनेट ने राज्य की कृषक बंधु योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि करने का फैसला भी किया। 11 से 18 नवंबर तक जनजातीय गौरव दिवस मनाने को भी मंजूरी मिली।

दिन का सबसे तीखा फैसला शिक्षकों पर लगी रोक था। स्कूल सर्विस कमीशन के जरिए आगे भर्ती होने वाले शिक्षक पंचायत, नगरपालिका, विधानसभा या लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे और न ही सीधे राजनीति में हिस्सा लेंगे।

अधिकारियों ने कहा, "देश के किसी भी राज्य में शिक्षक सीधे राजनीति में शामिल नहीं हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के उदाहरण देखकर हमने तय किया है कि पश्चिम बंगाल में भी शिक्षक अब सीधे राजनीति नहीं कर सकेंगे।"

जो शिक्षक पहले से सेवा में हैं, उन्हें इस रोक से बाहर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, "नियुक्ति के समय ऐसी कोई कानूनी शर्त नहीं थी, इसलिए मौजूदा कर्मचारी इसके दायरे से बाहर रहेंगे।"

कैबिनेट ने पशु संसाधन विकास, शहरी विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, दमकल सेवा और गृह एवं पहाड़ी मामलों के विभागों में 1,199 नए पद भी बनाए। अधिकारियों ने बताया कि पिछली कैबिनेट बैठक में 45,000 रिक्तियां बनाई गई थीं और पिछली कुछ बैठकों में करीब 60,000 भर्तियों की सिफारिशें की गई हैं।

उन्होंने कहा कि नियुक्तियां स्कूल सर्विस कमीशन, लोक सेवा आयोग और पुलिस भर्ती बोर्ड के जरिए सिर्फ मेरिट पर होंगी। नई औद्योगिक नीति नौकरी और निवेश के इन्हीं वादों के बीच लागू हो रही है, और उसका ब्योरा एक हफ्ते में सामने आएगा।