कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को दावा किया कि विधानसभा में विश्वास मत हुआ तो सत्तारूढ़ BJP को 294 सदस्यीय सदन में 275 विधायकों का समर्थन मिलेगा।
"कल विधानसभा में विश्वास मत कराया जाए तो हमें 275 विधायकों का समर्थन मिलेगा। इनमें से 64 विधायक हमारे पक्ष में हाथ उठाने को तैयार हैं," अधिकारी ने पत्रकारों से कहा।
इस साल हुए विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में BJP के 209 विधायक हैं। तृणमूल कांग्रेस के जीते 80 विधायकों में से करीब 65 ने रितब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में समर्थन देते हुए ममता बनर्जी से अलग राह पकड़ ली। इस बागी गुट को अब 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' कहा जाता है।
मुख्यमंत्री के इस बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। ममता बनर्जी के निष्ठावानों का कहना है कि BJP ने उनकी पार्टी में दरार डाली है। ममता गुट के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान से ही साबित होता है कि रितब्रत समर्थक "BJP के एजेंट" हैं। CPI(M) के शतरूप घोष ने कहा कि यह बयान अदालत के संज्ञान में लाकर रितब्रत से नेता प्रतिपक्ष का पद छुड़ाया जाना चाहिए। बागी गुट के सदस्य और विपक्ष के मुख्य सचेतक अखरुज्जमान ने कहा कि BJP समेत सभी दलों से समान दूरी रखना उनकी पार्टी की नीति है।
इस बीच, पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न गंवाने के बाद ममता की तृणमूल के लोकसभा के 20 सांसद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय हो चुके हैं। ममता गुट की अयोग्यता याचिका का जवाब देने के लिए NCPI ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से 3 नवंबर तक दो सप्ताह की मोहलत मांगी है।