चेन्नई: जेम ग्रेनाइट्स के चेयरमैन आर. वीरामणी के खिलाफ शिकायतों की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम के तहत आठवां मामला दर्ज किया है, जो 21 अक्टूबर को एक नई शिकायत पर दर्ज हुआ। शिकायतकर्ता घटना के समय नाबालिग थी।
पुलिस के मुताबिक पीड़िता ने आरोप लगाया कि कुछ साल पहले गोपालपुरम स्थित उनके आवास पर वीरामणी ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। उनके खिलाफ पहले से सात मामले लंबित थे।
पांच लोगों के विदेश जाने पर रोक के लिए लुक आउट सर्कुलर जारी किए गए हैं, ऐसा आधिकारिक बयान में कहा गया। ये आरोपी या संदिग्ध साथी हैं।
वीरामणी और उनके साथी 63 वर्षीय महेंद्र सिम्हान तथा 60 वर्षीय शांति 29 अगस्त से जेल में हैं। अदालत के आदेश पर विशेष टीम ने उन्हें और तीन अन्य साथियों को पेरावल्लूर थाने में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। 10 और 11 अक्टूबर को चेन्नई और आसपास उनके दफ्तरों व आवासों पर हुई छापेमारी में जब्त सामग्री पूछताछ में इस्तेमाल हो रही है।
गिरफ्तारियां कारोबारी तक सीमित नहीं हैं। कानूनी कार्रवाई से बचने में मदद के आरोप में जेम ग्रेनाइट्स के उनके मैनेजर शक्तिवेल को 18 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। नाबालिग लड़कियों को उन घरों तक पहुंचाने के आरोप में, जहां दुर्व्यवहार होता था, उनके तीन पुराने ड्राइवर लसार, पार्थिबन और बाबू पहले गिरफ्तार हो चुके हैं। लसार 23 साल और बाकी दो आठ साल उनके साथ थे। मालक का व्यवहार जानते हुए भी पुलिस को न बताने पर एक और कर्मचारी गणेशन भी गिरफ्तार हुआ।
23 अक्टूबर को उनकी बेटी अर्चना अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने की कोशिश कर रही थीं, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, कथित अपराधों और उन्हें बचाने के लिए किए गए वित्तीय लेनदेन पर पूछताछ की और उसी शाम उन्हें छोड़ दिया। बाद में तबीयत खराब होने की शिकायत पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अब तक 12 पीड़ित वीरामणी और उनके साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा चुकी हैं। एक अधिकारी ने बताया कि जांच अंतिम चरण में है और अंतिम रिपोर्ट जल्द संबंधित अदालत में दाखिल होगी।
मामले की शुरुआत अक्टूबर 2025 में शहर पुलिस की अनैतिक देह व्यापार निवारण इकाई को भेजी गई वीडियो वाली पेनड्राइव से हुई और 7 अक्टूबर 2025 को एफआईआर दर्ज हुई। वीडियो स्पष्ट नहीं होने का हवाला देते हुए फरवरी 2026 में दी गई क्लोजर रिपोर्ट विशेष अदालत ने खारिज कर दी, जिसके बाद जांच फिर शुरू हुई।
अब तक आठ लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।