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विधान परिषद चुनाव से पहले भाजप की राजा भैया के दरवाजे पर दस्तक

उत्तर प्रदेश में 23 अक्टूबर के विधान परिषद चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजप ने जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से संपर्क साधा है।

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में 23 अक्टूबर के विधान परिषद चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सत्तारूढ़ भाजप ने जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह — राजा भैया — से बातचीत शुरू की है। प्रतापगढ़ जिले के कुंडा से सात बार विधायक रहे राजा भैया से भाजप प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ला ने उनके आवास पर मुलाकात की।

पार्टी ने इसे "सद्भावना भेंट" कहा, लेकिन समय अहम है: विधान परिषद की 11 सीटों — पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों — के द्विवार्षिक चुनाव 23 अक्टूबर को हैं।

राजा भैया के दल के दो विधायक हैं — कांग्रेस के बराबर। पहले उन्होंने विधान परिषद चुनावों में भाजप उम्मीदवारों को समर्थन दिया है, और कभी समाजवादी पार्टी को भी। मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में उनका असर कड़े मुकाबलों में अहम होता है।

भाजप की फौरी चिंता अपने ही घर की है: गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कई बार जीते पार्टी के एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह नाराजगी के संकेत दे रहे हैं। पार्टी नेता मानते हैं कि कई सीटों पर मुकाबला कड़ा हो सकता है।

तो राजा भैया से संपर्क सिर्फ दिखावे का नहीं, गणित का है — अगले साल की बड़ी लड़ाई की तैयारी में सत्तारूढ़ पार्टी का विधान परिषद गणित साधे रखना। इस मुलाकात पर राजा भैया की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

विधान परिषद के इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र निर्णायक होते हैं। भाजप ने पहले ही कई सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सहयोगी दलों और निर्दलियों का गणित जोड़ने की तैयारी शुरू मानी जा रही है।