अगरतला: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भरोसा जताया है कि मिजोरम के साथ लंबित अंतरराज्यीय सीमा विवाद जल्द सुलझ जाएगा। अगरतला में दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के बाद उन्होंने यह बात कही।
साहा ने कहा कि उन्होंने और मिजोरम के मुख्यमंत्री ने पहले इस विवाद पर चर्चा की थी और मिलकर समाधान निकालने पर सहमति बनाई थी, लेकिन बाद में उन्होंने सुझाव दिया था कि अगली मुख्यमंत्री स्तरीय बैठक से पहले मामला अधिकारी स्तर पर उठाया जाए। उन्होंने कहा कि मिजोरम के अधिकारी बुधवार को त्रिपुरा पहुंचे और उनके समकक्षों से बातचीत की। "मेरा मानना है कि समाधान जल्द हो जाएगा," उन्होंने कहा।
सीमा मुद्दे पर चर्चा और बाकी मतभेदों को सुलझाने के लिए तंत्र तय करने के वास्ते दोनों राज्यों के गृह सचिव स्तर की बैठक अगरतला में हुई। राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों ने त्रिपुरा के उत्तर जिले के फुलडुंगसाई ग्राम परिषद क्षेत्र में जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने पर सहमति जताई। वहां नियमित विकास कार्य जारी रह सकते हैं, जबकि कोई विशेष परियोजना प्रस्तावित होने पर उसकी जानकारी दूसरे राज्य को दी जाएगी।
दोनों राज्यों ने यह भी सहमति बनाई कि कोई भी पक्ष एकतरफा सीमांकन नहीं करेगा और भविष्य के किसी भी संयुक्त सीमांकन में भारतीय सर्वेक्षण विभाग को शामिल किया जाएगा। तंत्र के तहत एक संयुक्त तकनीकी दल गठित किया जाएगा, जिसमें त्रिपुरा और मिजोरम के भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त निदेशालय के निदेशक तथा सर्वेक्षण विभाग के गुवाहाटी कार्यालय के निदेशक शामिल होंगे। यह दल भविष्य के किसी भी क्षेत्रीय सर्वेक्षण से पहले सर्वेक्षण विभाग के पास उपलब्ध भू-अभिलेखों की जांच करेगा।
दोनों राज्य अपने-अपने अतिरिक्त गृह सचिवों और भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त निदेशालय के निदेशकों को दैनिक समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे। संयुक्त तकनीकी दल हर पखवाड़े सर्वेक्षण विभाग के सिलचर कार्यालय में बैठक करेगा। दो महीने बाद आइजोल में गृह सचिव स्तर की एक और बैठक प्रस्तावित है।