नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केरल हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा और दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास को एफआईआर दर्ज करने के सिंगल जज के निर्देश के खिलाफ अपील की इजाजत नहीं दी गई थी. कोर्ट ने जांच पर सात दिन की रोक लगा दी.
जस्टिस जॉयमल्या बागची और वी. मोहना की बेंच ने तीनों को डिवीजन बेंच के सामने अपील करने और अंतरिम राहत मांगने की छूट दी. बेंच ने कहा कि यही राहत देने के लिए जांच सात दिन रोकी गई है.
मामला 278 करोड़ रुपये के कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL)-एक्सालॉजिक पेऑफ का है. 9 अक्टूबर को केरल हाई कोर्ट के सिंगल जज ने राज्य विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो को विजयन, वीणा और रियास समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था. ईडी का आरोप है कि CMRL ने वीणा की अब बंद हो चुकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 'आईटी सलाह' के नाम पर 2.78 करोड़ रुपये दिए. 15 अक्टूबर को डिवीजन बेंच ने तीनों को अपील की इजाजत देने से इनकार कर दिया था.
कोर्ट ने नोट किया कि सिंगल जज ने सिर्फ एफआईआर ही नहीं, जांच शुरू करने का भी आदेश दिया था. विजयन के वकील ने दलील दी कि वे मूल कार्यवाही में पक्षकार नहीं थे और आदेश से पहले उन्हें सुना नहीं गया.
बेंच ने एफआईआर के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की. बाद में दर्ज ईसीआईआर की वैधता पर भी कोई राय नहीं दी, लेकिन उसे उचित मंच पर चुनौती देने की छूट दी.
विजयन केरल में नेता प्रतिपक्ष हैं. एफआईआर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज होनी थी. अब डिवीजन बेंच अपील पर नए सिरे से सुनवाई करेगी.