श्रीगंगानगर: भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेल लाइन पर मंगलवार देर रात धमाका हुआ। रामसिंहपुर थाना क्षेत्र में 50 जीबी गांव के पास पटरी को सहारा देने वाले दो सीमेंट ब्लॉक टूट गए और अंदर के लोहे के सरिए खुल गए।
पुलिस के मुताबिक पटरियों के बीच करीब दो फुट गहरा और दो फुट चौड़ा गड्ढा बना। करीब दो सौ मीटर दूर बसी ढाणी के लोगों ने आवाज सुनकर पुलिस को फोन किया।
रामसिंहपुर के सर्कल इंस्पेक्टर रामप्रताप ने बताया कि अनूपगढ़ जंक्शन से सूरतगढ़ जाने वाली यात्री ट्रेन मंगलवार रात 8.30 बजे चली और करीब 9 बजे 50 जीबी गांव के पास पहुंची। ट्रेन गुजरने के करीब 45 मिनट बाद धमाका हुआ।
जिले के पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने मौका मुआयना किया। "घटना की सही प्रकृति बताना अभी जल्दबाजी होगी," उन्होंने कहा। सबूत जांचने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम बुलाई गई है। बम निरोधक दस्ता और अन्य एजेंसियां भी रवाना हो चुकी हैं।
हरिशंकर ने साफ किया कि कुछ दिन पहले सीमावर्ती इलाके से बरामद करीब साढ़े सात किलो आरडीएक्स से इस घटना का अभी कोई तय संबंध नहीं मिला है। उस जब्ती में दो जिगाना पिस्तौल, चार मैगजीन, करीब 867 कारतूस, पांच बैटरी और दो रिमोट कंट्रोल मिले थे। अधिकारियों के मुताबिक यह खेप सीमा पार से ड्रोन के जरिए आई थी।
सूचना मिलते ही एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड, सीआईडी, डॉग स्क्वॉड और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। रात करीब दो बजे आईबी की टीम और 2.15 बजे एटीएस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि ट्रैक पर दो स्लीपर क्षतिग्रस्त मिले हैं। 4 नवंबर को सूरतगढ़-अनूपगढ़ के बीच 59711 और 59712 गाड़ियां रद्द रहेंगी। अनूपगढ़ से बठिंडा के लिए सुबह छह बजे चलने वाली गाड़ी भी रद्द की गई।
सीमावर्ती इलाके में पिछले कुछ महीनों में हथियार और विस्फोटक बरामद होने की घटनाएं बार-बार सामने आई हैं। जांच एजेंसियां कह रही हैं कि धमाके में कौन-सा विस्फोटक इस्तेमाल हुआ और किसने रखा, यह फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद तय होगा। तब तक रेल मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी गई है।