मुंबई : पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते शुक्रवार को शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा। ब्रेंट कच्चा तेल 113 से 114 डॉलर प्रति बैरल के पांच महीने के उच्च स्तर के करीब पहुंच गया।
सुबह करीब 10.40 बजे सेंसेक्स 451.90 अंक यानी 0.62 फीसदी गिरकर 72,797.49 पर था। निफ्टी 50 191.80 अंक यानी 0.85 फीसदी टूटकर 22,495.85 पर आ गया। निफ्टी की 50 में से 44 कंपनियों के शेयर गिरावट में थे और सिर्फ छह बढ़त में थे।
बड़ी कंपनियों में हिंडाल्को, अदानी एंटरप्राइजेज और टाटा स्टील सबसे ज्यादा गिरे। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक क्रमशः 2.5 और 3.4 फीसदी नीचे आए। धातु और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट रही।
आईटी शेयर अलग चलते दिखे। टीसीएस, इन्फोसिस और एचसीएल टेक बढ़त में थे। वैश्विक बाजार में एआई से जुड़े शेयरों में बिकवाली के बाद भी भारतीय आईटी शेयरों में मांग बनी रही। विश्लेषकों के मुताबिक निवेशक भारतीय आईटी को वैश्विक एआई व्यापार के मुकाबले अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
रुपया डॉलर के मुकाबले 94.79 पर खुला। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले सत्र में 3,459 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थाओं ने 2,891 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में लगा तीन लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का पैसा अगले सोमवार तक वापस आएगा, जिससे अगले हफ्ते बाजार को सहारा मिल सकता है, ऐसा जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार ने कहा।
क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी का शेयर 13 फीसदी गिरकर 198.30 रुपये के निचले स्तर पर आ गया। इंस्टामार्ट का घाटा बढ़ने से मुनाफे पर सवाल उठे हैं। एशियाई बाजारों में भी गिरावट रही। जापान का निक्केई करीब 1.7 फीसदी और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3 फीसदी से ज्यादा गिरा। अमेरिका में नैस्डैक 2.6 फीसदी नीचे आया। निफ्टी 500 की 478 कंपनियों के शेयर गिरे और 91 शेयरों ने 52 हफ्तों का निचला स्तर छुआ। इससे साफ है कि गिरावट सिर्फ कुछ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। धातु और रियल्टी सेक्टर की गिरावट से निवेशक सतर्क हो गए हैं।