पांवों के छालों को भूलकर ताल-मृदंग की धुन पर झूमते लाखों कदम, 'ज्ञानोबा-तुकाराम' के नामस्मरण से गूंजते रास्ते और जाति-पंथ-धर्म से ऊपर उठकर सिर्फ प्रेम की नींव पर टिका वारकरी संप्रदाय... महाराष्ट्र की सदियों पुरानी भक्ति की यह अलौकिक धारा अब सीधे दुनिया के नक्शे पर सम्मान के साथ चमक उठी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संवेदनशील, दूरदर्शी और आग्रही पहल से बनी अंग्रेजी डॉक्यूमेंट्री 'पंढरपूर वारी: इन द फूटस्टेप्स ऑफ द सेंट्स' ने प्रतिष्ठित 'एशियन अकादमी क्रिएटिव अवॉर्ड्स 2026' में भारत के 'सर्वोत्कृष्ट ब्रांडेड कार्यक्रम' (नेशनल विनर) का खिताब जीता है।
वारकरी परंपरा की पवित्रता और महाराष्ट्र की महान संत-संस्कृति को विश्व स्तर पर पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस ने जो निजी लगन और दिशा दी, उसी से यह वैश्विक सम्मान संभव हो पाया, ऐसी भावना व्यक्त की जा रही है।
भक्ति और समता का संदेश समंदर पार; 22 मिनट में उतरी आषाढ़ी वारी
महाराष्ट्र के सूचना और जनसंपर्क महानिदेशालय ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति वाली 'वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी' (Warner Bros. Discovery) के सहयोग से इस 22 मिनट की डॉक्यूमेंट्री का निर्माण किया है। डिस्कवरी के दुनियाभर के प्रमुख चैनलों के जरिए यह करोड़ों अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंची। संत ज्ञानेश्वर महाराज और जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज ने दुनिया को जो भाईचारे, सामाजिक समता, मानवता और समर्पण की सीख दी, वह हर भाषा की सीमा लांघकर विदेशी अध्येताओं और दर्शकों के दिल तक पहुंची है।
सिर्फ एक उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे अनुशासित, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल जन-संस्कृति के रूप में इस डॉक्यूमेंट्री में पंढरपूर वारी को दिखाया गया है।
"वारी सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि सारे भेद मिटाने वाली विश्व की माऊली है!": मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
इस वैश्विक सम्मान पर भावुक लेकिन उतने ही गर्व भरे शब्दों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा:
"पंढरपुर की वारी सिर्फ एक क्षेत्र या धर्म की यात्रा नहीं है। यह दुनिया को पुकारती ऐसी साद है, जो जाति, पंथ, धर्म और अमीर-गरीब का भेद किए बिना हर किसी को विठ्ठल के एक ही रंग में रंग देती है। संतों ने इस मिट्टी को जो समता का विचार दिया, वह समंदर पार पहुंचे, यही मेरी सच्ची तड़प थी। सूचना और जनसंपर्क विभाग ने बड़ी श्रद्धा और कल्पनाशीलता से जो डॉक्यूमेंट्री बनाई, उसे भारत का राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना महाराष्ट्र के हर वारकरी और संतों के चरणों का गौरव है।"
इस अनोखी उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री ने सूचना और जनसंपर्क विभाग तथा वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी की खास सराहना की। उन्होंने हर नागरिक से अपील की कि महाराष्ट्र की समृद्ध परंपरा के इस वैश्विक दस्तावेज को जरूर देखें।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वारकरी संस्कृति की मुहर: ब्रिजेश सिंह
सूचना और जनसंपर्क विभाग के प्रधान सचिव तथा महासंचालक ब्रिजेश सिंह ने इस उपलब्धि की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा, "एशिया-पैसिफिक क्षेत्र की कई नामी और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के बीच इस डॉक्यूमेंट्री को भारत के राष्ट्रीय विजेता के रूप में चुना गया है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन से महाराष्ट्र का संत साहित्य, भक्ति परंपरा और वारी की अनोखी सांस्कृतिक ताकत वैश्विक मंच पर नई ऊंचाई पर स्थापित हुई है।"
माऊली की पादुकाओं पर माथा टेकने वाले आम वारकरी से लेकर दुनिया के विचारकों तक, सबको एक साथ जोड़ने वाली यह डॉक्यूमेंट्री अब भारत की सांस्कृतिक पहचान बनकर पूरी दुनिया में गौरव से लहरा रही है।

