मुंबई: NCP ने वित्त विभाग औपचारिक रूप से वापस मांगा है। इस साल जनवरी में पार्टी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद यह विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास चला गया था, और अब नौ महीने बीत चुके हैं।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल रविवार शाम मुख्यमंत्री के सरकारी आवास वर्षा पर फडणवीस से मिला। इससे पहले सुनेत्रा पवार के बंगले देवगिरी पर पार्टी की कोर कमेटी की बैठक हुई। प्रतिनिधिमंडल में मंत्री छगन भुजबल, सुनील तटकरे, धनंजय मुंडे, हसन मुश्रीफ और जय पवार शामिल थे।
भुजबल ने बाद में पत्रकारों से कहा, "हमने कहा कि बहुत समय हो गया, हमारे पास जो वित्त विभाग था, वह अब हमारी पार्टी को वापस मिलना चाहिए। हमारे विधायकों के बीच भी इस पर चर्चा हो रही थी। हमें लगा कि अलग-अलग चर्चा और अटकलें ठीक नहीं हैं। इसलिए मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ इस मुद्दे पर सकारात्मक बातचीत हुई।"
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि विभाग NCP को मिलेगा, लेकिन राज्य इस समय सूखे से जूझ रहा है और पहले फंड के इंतजाम करने होंगे। पूछे जाने पर कि कोई तारीख तय हुई है या नहीं, भुजबल ने कहा कि कोई ठोस तारीख नहीं दी गई, लेकिन पार्टी को दिसंबर में होने वाले विधानमंडल के विंटर सेशन से पहले विभाग मिलने की उम्मीद है।
यह विभाग शुरू में अजित पवार को दिया गया था, जब भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार बनी थी। उनके निधन के बाद फडणवीस ने कहा था कि मार्च में राज्य का बजट तैयार करना और पेश करना है, इसलिए वे खुद कार्यभार संभाल रहे हैं। तब से विभाग उनके पास ही है। सुनेत्रा पवार के पास अभी आबकारी, क्रीड़ा और युवा कल्याण तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग हैं।
भुजबल ने इस मौके पर दो तरह की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में फेरबदल नहीं होगा, भले ही चार-पांच मंत्रियों के बदले जाने की बातें चल रही हैं। साथ ही मुख्यमंत्री के साथ NCP के दोनों गुटों के विलय पर कोई चर्चा नहीं हुई। सितंबर में NCP (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि उनकी पार्टी सत्ता के लिए किसी भी दल में विलय नहीं करेगी।