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दोनों एनसीपी अलग, विलय का फैसला उनका; फडणवीस बोले, "हमसे राय लेंगे"

एनसीपी के दोनों गुटों के विलय पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रुख साफ किया — दोनों अलग पार्टियां हैं, फैसला उनका; लेकिन NDA घटक होने के नाते वे हमसे बात करेंगे. प्रफुल्ल पटेल के शरद पवार से मिलने के बाद यह चर्चा तेज हुई.

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मुंबई: एनसीपी के पुनर्मिलन की चर्चा फिर गरमाई, और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को सतर्क रुख लिया.

दोनों गुट अलग-अलग पार्टियां हैं, उन्होंने नागपुर में पत्रकारों से कहा, और साथ आना है या नहीं यह उनका ही फैसला होगा. अगर ऐसा कदम उठाने की सोच हो, तो NDA के घटक दलों से बात होगी, ऐसा उन्होंने कहा.

"वे जो फैसला चाहेंगे वह उनका होगा. लेकिन NDA के घटक होने के नाते वे हमसे जरूर सलाह लेंगे," उन्होंने पीटीआई से बात करते हुए कहा. अब तक किसी ने भी भाजपा से संपर्क नहीं किया है और दोनों गुटों की बातचीत की जानकारी भाजपा को नहीं दी गई है, ऐसा भी उन्होंने कहा.

चर्चा की वजह बनी प्रफुल्ल पटेल का मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में शरद पवार से मिलना. 85 साल के पवार वहां इलाज करा रहे हैं. मुलाकात के वीडियो में पवार 10 नवंबर के बाद बैठकर बात करने की बात कहते दिखते हैं.

राज्य एनसीपी अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा था कि अजित पवार जिंदा होते तो दोनों गुट एक हो गए होते, और अजित पवार ने उनसे विलय पर बात की थी. फिलहाल पार्टी की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार कर रही हैं.

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के नेता संजय राउत ने सवाल भाजपा की ओर मोड़ा — अब पुनर्मिलन चाहिए तो शरद पवार की पार्टी तोड़ी क्यों थी?

फडणवीस ने उसी पत्रकार वार्ता में कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ (गोकुल डेयरी) के फैसले पर आलोचना भी खारिज की. सरकार सहकारी संस्था पर कब्जा चाहती है, यह आरोप उन्होंने नकारा और कहा कि दोनों पक्ष अपने मतभेद खुद सुलझाएं.

एनसीपी में 2023 में टूट हुई, जब अजित पवार का गुट अलग होकर राज्य सरकार में शामिल हुआ. बाद में चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को पार्टी के रूप में मान्यता और चुनाव चिन्ह दिया. शरद पवार का गुट 'एनसीपी-शरदचंद्र पवार' नाम से काम करता है.

विलय की चर्चा महाराष्ट्र में इसलिए मायने रखती है क्योंकि दोनों गुटों का कैडर आधार और जिला स्तर के पदाधिकारी एक ही हैं. पुनर्मिलन हुआ तो जिला परिषदों, पंचायतों और सहकारी संस्थाओं का सियासी खेल बदल जाएगा — एनसीपी की ताकत परंपरागत रूप से वहीं रही है.

अब तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ. शरद पवार की सेहत पर भी पार्टी ने विवरण नहीं दिया है. अगले कुछ दिनों में दोनों नेता सचमुच बैठते हैं या नहीं, यही देखने वाली बात है.