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पदवीधरों ने महायुती को हराया: 5 में 3 सीटें मविआ के खाते में, नागपुर 45 घंटे की गिनती के बाद गिरा

विधान परिषद की पदवीधर और शिक्षक सीटों के नतीजे में महाविकास आघाडी ने 5 में से 3 सीटें जीतीं, महायुती के पास 2 रहीं. नागपुर पदवीधर सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजप के सुधाकर कोहले को 3,271 वोट से हराया. पुणे और छत्रपती संभाजीनगर पदवीधर सीटें राकांपा (शरदचंद्र पवार) ने जीतीं. हार के बाद महायुती में आरोप-प्रत्यारोप तेज है.

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मुंबई: पदवीधर मतदाताओं ने सत्ताधारी महायुती को तीनों पदवीधर सीटों से बाहर कर दिया. विधान परिषद की पांच सीटों पर 23 अक्टूबर को हुए मतदान की गिनती करीब 45 घंटे चली और बुधवार देर रात नतीजे आए — महाविकास आघाडी को 3, महायुती को 2 सीटें.

सबसे कड़ा मुकाबला नागपुर पदवीधर सीट पर रहा. पहली पसंद की गिनती में भाजप के सुधाकर कोहले 61,215 वोट के साथ आगे थे, कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी 57,052 पर. दूसरी पसंद की गिनती शुरू हुई तो तस्वीर बदल गई. वंजारी 67,231, कोहले 63,960 — अंतर 3,271 वोट. निर्दलीय नितेश कराले के 25,909 वोटों ने ही सीट का फैसला किया.

"चुनाव में हमेशा ताकत ही काम नहीं करती, कभी तरकीब भी चलती है. शक्ति से युक्ति बड़ी है," वंजारी ने जीत के बाद कहा. कोहले ने हार का ठीकरा करीब 9,000 अवैध वोटों पर फोड़ा. "मेरे नाम के आगे '1' की जगह '2' लिखा गया. इस तरह वोट डालना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं," उन्होंने कहा.

यह सीट भाजपा के गढ़ की पहचान मानी जाती है. नितिन गडकरी से लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पिता गंगाधरराव फडणवीस तक — यही सीट ऐसे नेता देती रही. 58 साल भाजपा के पास रही यह सीट 2020 में पहली बार कांग्रेस के खाते में गई थी और अब दूसरी बार भी कांग्रेस के पास ही रही. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि भाजपा "आरएसएस मुख्यालय में ही धुल गई".

पुणे पदवीधर सीट पर राकांपा (शरदचंद्र पवार) की हर्षदा देशमुख-जाधव ने भाजप की स्मिता जाधव को 9,928 वोट से हराया. 44वें एलिमिनेशन राउंड में उन्होंने 1,13,840 वोट लेकर जीत के लिए जरूरी 1,13,095 का कोटा पार किया; स्मिता जाधव को 1,03,912 वोट मिले. पुणे पदवीधर सीट से चुनी गई वह पहली महिला हैं.

छत्रपती संभाजीनगर पदवीधर सीट पर डॉ. प्रतापसिंह पाटील ने तीन बार के एमएलसी सतीश चव्हाण को बड़े अंतर से हराकर 18 साल का दबदबा खत्म किया.

शिक्षक सीटों पर महायुती ने अपना दबदबा बनाए रखा. पुणे शिक्षक सीट पर भाजप के 30 वर्षीय कौस्तुभ गावडे 23,117 वोट से जीते; शिवसेना समर्थित निर्दलीय सचिन सानप को 16,347 वोट मिले. अमरावती शिक्षक सीट पर शिवसेना के किरण सरनाईक ने 16,663 वोट लेकर सीट बचाई; कांग्रेस की प्रो. अदिती पोहरे दूसरे नंबर पर रहीं.

कुल मतदान 72.96 फीसदी रहा. अब आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है. "पुणे और नागपुर में शिवसेना ने अपेक्षित सहयोग नहीं दिया," भाजप प्रवक्ता नवनाथ बाण ने कहा. "सीट बंटवारे पर पहले दिन से तालमेल ही नहीं था," शिवसेना के आनंद परांजपे ने कहा. लेकिन राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इसे झटका मानने से इनकार किया. "पांचों सीटें पहले विपक्ष के पास थीं, हमारे पास एक भी नहीं थी," उन्होंने कहा.

पांचों सीटों का कार्यकाल 6 दिसंबर को खत्म हो रहा है.