नई दिल्ली : महादेव ऑनलाइन बुक के कथित सरगना सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के बाद सीबीआई ने हिरासत में ले लिया है। दिल्ली की अदालत ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की, जिसके बाद उसे छत्तीसगढ़ ले जाया गया।
ओमान पुलिस ने चंद्राकर को 8 जुलाई को कथित रूप से फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट पर घुसने के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हुई थी। वह 16 फरवरी 2022 को भारत से चला गया था।
अब उसके सामने ईडी का मुकदमा है। 20 अक्टूबर 2023 को दायर आरोप पत्र पर रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में सुनवाई होगी। उस आरोप पत्र में फरवरी 2023 में रास अल खैमा में नकदी से हुई करीब 200 करोड़ रुपये की शादी का भी जिक्र है।
ईडी ने अब तक 11 अस्थायी कुर्की के आदेश जारी किए हैं, जिनमें से सात अदालत ने बरकरार रखे हैं। करीब 3,500 करोड़ रुपये की संपत्ति में से करीब 1,800 करोड़ रुपये विदेश में हैं, जिनमें दुबई की 22 संपत्तियां शामिल हैं, और 1,700 करोड़ रुपये भारत में। महादेव, स्काईएक्सचेंज और लोटस365 से हुई अपराध की कमाई 88,000 से 94,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें से 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये सरगनाओं को संयुक्त अरब अमीरात भेजे जाने का शक है।
फरार आर्थिक अपराधी कानून के तहत दायर याचिका पर रायपुर अदालत में अगली सुनावाई 5 दिसंबर को होगी।
इस मामले में आरोपों का दायरा बड़ा है। सीबीआई की एफआईआर में 21 लोगों के नाम हैं, जिनमें चंद्राकर, रवि उप्पल तथा अधिकारी व पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस एफआईआर में छठे आरोपी के तौर पर नामित हैं। मार्च 2025 में सीबीआई ने उनके आवास पर करीब 15 घंटे छापेमारी की थी।
ईडी के रिकॉर्ड के मुताबिक, चंद्राकर ने अगस्त 2023 में दिए बयान में कहा था कि सहआरोपी रवि उप्पल से सहायक उपनिरीक्षक चंद्रभूषण वर्मा को करीब 81 करोड़ रुपये मिले, जिसमें मुख्यमंत्री आवास के लिए 20 करोड़ रुपये शामिल थे। एक अन्य आरोपी ने 2 नवंबर 2023 को बघेल को करीब 508 करोड़ रुपये दिए जाने का दावा किया था। बघेल सभी आरोपों से इनकार करते रहे हैं और उन्होंने जांच को राजनीति से प्रेरित बताया है।