लुधियाना: शुक्रवार दोपहर फील्ड गंज की एक संकरी गली से दो-तीन धमाके सुनाई दिए, और जो शख्स कुछ मिनट पहले ऊपर गया था, वह नीचे नहीं लौटा।
दोपहर करीब 1.30 बजे गली नंबर 10 की दोमंजिला इमारत में आग लगी, जिसके बाद 26 साल के साहिल सबरवाल की मौत हो गई। इमारत की निचली मंजिलों पर पुलकित फैशन नाम का कपड़ों का कारोबार है। दमकल अधिकारियों ने बताया कि ऊपरी मंजिल पर पटाखे रखे हुए थे, जिससे धमाके तेज हुए और आग बुझाना मुश्किल हो गया।
पुलिस के मुताबिक यह स्टॉक दूसरी मंजिल पर रसोई से सटे कमरे में रखा गया था। साहिल अंदर ही था कि दीवार ढह गई और वह मलबे में दब गया।
उसके चाचा गोल्डी सबरवाल, जो स्थानीय आप नेता हैं, ने बताया कि बिजली में उतार-चढ़ाव के बाद साहिल ऊपर गया था और पहला धमाका उसी वक्त हुआ जब वह अपनी मंजिल तक पहुंचा था। उन्होंने कहा कि इमारत में पिछले साल बचे पटाखे रखे हुए थे और उन्हें शक है कि इनवर्टर में शॉर्ट सर्किट से आग लगी।
गली में रहने वालों ने कहा कि आबादी और कारोबारी इलाके में पटाखे रखे गए थे, और सवाल उठाया कि इतनी बड़ी मात्रा में इन्हें रखने की इजाजत कैसे मिली।
दमकल अधिकारी दिनेश वर्मा ने बताया कि सबसे बड़ी अड़चन इमारत तक पहुंचने का संकरा रास्ता था। मौके तक पहुंचने के लिए दमकलकर्मियों को पानी के पाइप गली में काफी अंदर तक ले जाने पड़े। आग पर काबू पाने में करीब तीन घंटे लगे।
अधिकारियों के मुताबिक आग बुझाने के दौरान इमारत का हिस्सा ढह गया और आग फैलने पर एक एयर कंडीशनर भी फट गया। बगल की गली नंबर 9, 10 और 11 तथा नजदीकी कुचा गली की दुकानें एहतियातन बंद कर दी गईं, क्योंकि आग पड़ोसी परिसर तक पहुंचने का खतरा था।
यह इलाका कपड़े के कारोबार के लिए जाना जाता है, और अधिकारियों ने कहा कि शुक्रवार की भीड़ ने रास्ता और मुश्किल कर दिया।
पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और मामला दर्ज किया है। आग लगने की सही वजह अभी साफ नहीं हुई है। अधिकारियों ने कहा कि यह जांच की जा रही है कि पटाखे रखने के सुरक्षा नियम तोड़े गए या नहीं।
साहिल के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। ऊपर क्या हुआ, इस पर परिवार का बयान जांच में औपचारिक रूप से दर्ज होना बाकी है।
शाम तक फील्ड गंज मलबा हटाने में जुटा था। जिस गली में दुकान है, वह दमकल गाड़ी के लिए मुश्किल से इतनी चौड़ी है।