श्रीनगर : आतंकी फंडिंग मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को श्रीनगर और बारामुला जिलों में कुल 13 ठिकाणों पर छापे मारे।
ईडी के श्रीनगर कार्यालय के मुताबिक यह कार्रवाई कार्यकर्ता खुर्रम परवेज, जम्मू-कश्मीर कोलिशन ऑफ सिविल सोसायटी और फलाह-ए-आम ट्रस्ट से जुड़े मामले में हुई है।
छापे मुख्य रूप से परवेज के रिश्तेदारों और सहयोगियों के आवासों पर मारे गए। फलाह-ए-आम ट्रस्ट परवेज के चाचा मोहम्मद अहसान राथर चलाते बताए जाते हैं।
जांच के दायरे में शामिल अन्य लोगों में दिल्ली के एक विदेशी मिशन में काम कर चुके फिरदौस अहमद दार और उनकी पत्नी राफिया हसन शामिल हैं।
परवेज के खिलाफ सख्त कानून के तहत कार्रवाई हुई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नवंबर 2021 में उन्हें गिरफ्तार किया था और 2022 में आरोपपत्र दाखिल किया था। अप्रैल 2024 में उन्हें जमानत मिल गई थी।
ईडी ने इस मामले में 21 मार्च 2025 को 21.11 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त की थी। इसमें करीब 15 करोड़ रुपये की जमीन, दिल्ली और श्रीनगर की छह आवासीय संपत्तियां, गहने, बैंक बैलेंस और 2016 मॉडल की होंडा सिटी कार शामिल थी।
इससे पहले 12 अगस्त 2025 को ईडी ने 15 ठिकाणों पर तलाशी ली थी। तब श्रीनगर के एक ऐपल स्टोर से 1.61 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे।
ईडी की जांच में सामने आया है कि संगठन के नाम पर जमा किया गया फंड कुछ मामलों में ऐसे रास्तों पर मोड़ा गया, जिनका सीधा संबंध दर्ज मकसद से नहीं था।
आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक जांच जारी है।
इस कार्रवाई से घाटी में स्वयंसेवी संगठनों के फंड की पारदर्शिता पर फिर बहस छिड़ सकती है।