बडगाम: जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर मंत्रिपरिषद का विस्तार उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के घाटी लौटने के बाद होगा।
बडगाम में पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि उपराज्यपाल की वापसी के बाद मंत्रिमंडल विस्तार होगा, क्योंकि वे मौजूद नहीं थे। वे सोमवार को बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है और एक हमले में हुए नुकसान के लिए मुआवजा मांगा है। एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, "कुछ शरारती तत्व देश में शांति भंग करने और अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, और इस मामले पर अधिकारियों का तत्काल ध्यान जरूरी है।"
डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से भी इस घटना का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है और चेतावनी दी है कि अगर ऐसी घटनाओं पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया तो हालात बिगड़ सकते हैं।
ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार काम संभाल रही है और बहुप्रतीक्षित मंत्रिपरिषद विस्तार का समय तय होना बाकी है। केंद्र शासित प्रदेश के राजनीतिक हलकों में परिषद की संरचना और विभागों के बंटवारे पर नजर रखी जा रही है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विस्तार की तारीख की घोषणा नहीं की है। डॉ. अब्दुल्ला का बयान अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत है कि यह प्रक्रिया उपराज्यपाल के कार्यक्रम और घाटी लौटने से जुड़ी है।