पेरिस: फ्रांस में बढ़ते हिंसक प्रदर्शनों के चलते भारतीय दूतावास ने बुधवार को भारतीय नागरिकों के लिए सतर्कता की सलाह जारी की। यह सलाह फ्रांस में रहने वाले और वहां जाने की सोच रहे नागरिकों पर लागू है।
दूतावास ने कहा, "फ्रांस में हाल की घटनाओं और स्थानीय स्तर पर लगाए गए कर्फ्यू को देखते हुए कृपया सतर्क रहें और जरूरी सावधानी बरतें। प्रदर्शनों वाली भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहें और फ्रांसीसी अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।"
स्थानीय खबरें, सरकारी अपडेट और सार्वजनिक परिवहन में रुकावटों पर नजर रखने की सलाह भी दी गई। आपात स्थिति में संपर्क के लिए पेरिस स्थित भारतीय दूतावास और मार्से में भारतीय वाणिज्य दूतावास के नंबर दिए गए हैं।
ये प्रदर्शन सितंबर 2026 के आखिर में स्कूलों की खराब हालत और शिक्षकों की कमी के मुद्दे पर शुरू हुए थे। बाद में बढ़ती महंगाई, ईंधन के बढ़े दाम, सार्वजनिक क्षेत्र में बजट कटौती और सरकार से नाराजगी के कारण यह आंदोलन व्यापक हो गया।
17 अक्टूबर के दंगों में भारी नुकसान हुआ और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया। 24 अक्टूबर को फिर प्रदर्शनों का ऐलान हुआ है। फ्रांस के न्याय मंत्री जेराल्ड दार्मानिन ने कहा कि हिरासत में लिए गए 2,500 में से 174 को जेल भेजा गया। साथ ही 917 के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।
प्रधानमंत्री सेबास्तियन लेकोर्नू ने शनिवार को बड़े सुरक्षा बंदोबस्त की घोषणा की है। दूतावास ने भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
दूतावास ने कहा कि भारतीय फ्रांसीसी सरकार की वेबसाइट और पेरिस की सार्वजनिक परिवहन संस्था की साइट पर ताजा जानकारी देखें। यात्रियों से कहा गया कि वे अपनी एयरलाइन या ट्रैवल एजेंसी के संपर्क में रहकर शेड्यूल में बदलाव देखें। इससे पहले इटली और अल्बानिया के लिए भी भारतीय दूतावासों ने सतर्कता की सलाह जारी की थी। पेरिस पुलिस ने गुरुवार के नियोजित प्रदर्शन पर रोक लगा दी और जनता की सुरक्षा का हवाला दिया। यूरोप के कई देशों की सरकारों ने भी अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।