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GST वसूली 2.31 लाख करोड़ के पार; UPI लेनदेन ने बनाया नया रिकॉर्ड

अक्टूबर में कुल GST वसूली 2.31 लाख करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर करीब 23 फीसदी ज्यादा है। UPI लेनदेन 25.47 अरब पर पहुंचे और रोजाना लेनदेन मूल्य 1 लाख करोड़ के पार गया। विनिर्माण PMI अक्टूबर में 54.7 रहा।

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नई दिल्ली : अर्थव्यवस्था के तीन मोर्चों के ताजा आंकड़े एक ही बात कहते हैं — मांग बनी हुई है, लेकिन रफ्तार कुछ धीमी हुई है।

अक्टूबर में कुल वस्तु एवं सेवा कर (GST) वसूली 2.31 लाख करोड़ रुपये रही। पिछले साल के इसी महीने से यह करीब 23 फीसदी ज्यादा है। घरेलू आर्थिक गतिविधि और आयात पर कर वसूली में यह बढ़त दिखती है।

इसी अवधि में UPI लेनदेन ने नया रिकॉर्ड बनाया। अक्टूबर में 25.47 अरब लेनदेन हुए और रोजाना लेनदेन मूल्य 1 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया। दुकान से किराये तक छोटी रकम का डिजिटल लेनदेन अब रोजमर्रा की बात है।

विनिर्माण क्षेत्र की तस्वीर थोड़ी अलग है। S&P ग्लोबल का विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) सितंबर के 55.1 से घटकर अक्टूबर में 54.7 पर आ गया। 50 से ऊपर का हर आंकड़ा विस्तार दिखाता है, इसलिए क्षेत्र अब भी बढ़ रहा है — पर रफ्तार कम हुई है।

उत्पादन और नए ऑर्डर की बढ़त धीमी पड़ी, लेकिन निर्यात ऑर्डर ने सहारा दिया। सर्वेक्षण के मुताबिक इससे कारखानों को मदद मिली।

तीनों आंकड़ों का साझा मतलब यह है कि शहरी मांग मजबूत है और डिजिटल ढांचा जम चुका है। लेकिन विनिर्माण की रफ्तार और ग्रामीण मांग का असर आने वाले महीनों में अहम रहेगा।

कर वसूली में बढ़त सरकार के लिए राहत है; राजकोषीय घाटा और पूंजीगत खर्च की योजना इसी पर टिकी है। दूसरी ओर, GST की ऊंची वसूली में महंगाई और सेवा क्षेत्र के लेनदेन का हिस्सा भी है।

UPI की बढ़त बैंकों के लिए नई चुनौती है। लेनदेन बढ़े हैं, लेकिन उनसे होने वाली कमाई कम है, इसलिए छोटे लेनदेन पर लागत निकालना बैंकों के लिए मुश्किल होता है। NPCI और बैंकों के बीच शुल्क का सवाल इसी पृष्ठभूमि में फिर चर्चा में है।

अगले महीनों के आंकड़े त्योहारी खरीदारी का असर दिखाएंगे। दिवाली का सीजन अक्टूबर के आखिरी हिस्से में शुरू हुआ है, इसलिए नवंबर की GST वसूली और UPI लेनदेन असली परीक्षा के महीने होंगे।