नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप से जुड़ी ₹510 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। एजेंसी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
रिलायंस कम्युनिकेशंस मामले में दो चार्टर विमान, छह जमीन के टुकड़े और महाराष्ट्र में एक दफ्तर जब्त किया गया। रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस मामले में तमिलनाडु की दो पवन चक्कियां, बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट, निवेश और प्राप्य रकमें जब्त हुई हैं।
एजेंसी के मुताबिक इस कार्रवाई के बाद ग्रुप के खिलाफ पीएमएलए और फेमा के तहत अब तक करीब ₹23,100 करोड़ की संपत्ति जब्त हो चुकी है।
ED ने आरोप लगाया है कि ग्रुप ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों का सार्वजनिक पैसा हड़पा, दिवाला कानून का दुरुपयोग करके कॉर्पोरेट संपत्ति को निजी इस्तेमाल के लिए घेर लिया और पैसा विदेशी टैक्स हेवन में भेजा। "बड़ा हिस्सा प्रवर्तकों और उनके परिवार के निजी फायदे के लिए इस्तेमाल हुआ," एजेंसी ने कहा।
इन मामलों में अब तक 10 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और पीएमएलए के तहत छह अभियोजन शिकायतें दाखिल हुई हैं। फेमा के तहत एक शिकायत भी दी गई है।
जांच दिल्ली की सीबीआई, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के मामलों पर आधारित है।
जब्ती में शामिल कंपनियों में रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस होम फाइनेंस, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस पावर और रिलायंस कैपिटल शामिल हैं।
अगस्त में सीबीआई ने रिलायंस कैपिटल और उसके तत्कालीन चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ कर्मचारी भविष्य निधि संस्थान को ₹1,816.22 करोड़ का नुकसान पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी।
अंबानी ने किसी गड़बड़ी के आरोप से इनकार किया है। उनके प्रवक्ता ने कहा है कि यह प्राथमिकी रिलायंस कैपिटल से जुड़ी है और अंबानी ने 2005 से नवंबर 2021 तक कंपनी में गैर-कार्यकारी निदेशक और चेयरमैन के तौर पर काम किया।