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अधिकारियों से कहा गया: मुख्यमंत्री की बैठकों के लिए समय निकालें

दिल्ली सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली बैठकों को प्राथमिकता दें और केंद्र व उपराज्यपाल के साथ हुई बैठकों के फैसले सीएमओ तक पहुंचाएं। यह निर्देश बैठकों में अनुपस्थिति और सूचना साझा करने में चूक की शिकायतों के बाद जारी हुए हैं।

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नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली बैठकों को प्राथमिकता दें और केंद्र सरकार तथा उपराज्यपाल के साथ हुई बैठकों से निकले फैसलों की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को दें। यह निर्देश अधिकारियों के बैठकों में शामिल न होने और सूचना साझा करने में चूक की चिंता के बाद जारी हुए हैं।

ये निर्देश सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, सचिवों और विभागाध्यक्षों को भेजे गए हैं।

7 अक्टूबर के एक पत्र में सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने कहा कि उसने देखा है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली बैठकों में शामिल नहीं हो पाए। उसने यह भी दर्ज किया कि भारत सरकार या उपराज्यपाल की ओर से बुलाई गई बैठकों के फैसले और निर्देश सीएमओ को नहीं भेजे जा रहे।

विभाग ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और 28 अप्रैल को जारी पुराने निर्देशों को दोहराया, जिसमें दिल्ली सरकार के सभी विभागों, संगठनों और स्वायत्त निकायों, बोर्डों, निगमों व सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रमुखों से अनुपालन करने को कहा गया था।

नए निर्देशों के तहत मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सीएमओ में होने वाली बैठकों को प्राथमिकता दी जाएगी और संबंधित अधिकारियों को अपनी उपस्थिति रखनी होगी।

बाद की किसी बैठक से टकराव होने पर आयोजकों से उसे आगे बढ़ाने का अनुरोध किया जाए और सीएमओ को पहले से सूचित किया जाए। पहले से तय बैठक से टकराव सुलझ न पाने पर मामला समय रहते सीएमओ के ध्यान में लाया जाना चाहिए।

जीएडी ने अप्रैल में भी विभागों से कहा था कि भारत सरकार से प्राप्त नए कार्यक्रमों, योजनाओं या ट्रांजैक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स, 1993 के तहत आवंटित विषयों से जुड़े महत्वपूर्ण पत्राचार की प्रतियां मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के कार्यालयों को भेजी जाएं।