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पैन कार्ड मामले में आजम खान को जमानत, 10 साल की सजा पर रोक नहीं

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी नेता आजम खान को दो पैन कार्ड वाले मामले में जमानत दे दी, लेकिन सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. रामपुर की अदालत ने उन्हें 10 साल की सजा सुनाई थी. न्यायमूर्ति समित गोपाल ने उनकी पुनरीक्षण याचिका सुनी.

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लखनऊ: आजम खान जेल से बाहर आएंगे. जिस सजा के तहत वे जेल में थे, वह नहीं हटेगी.

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी नेता को दो पैन कार्ड वाले मामले में जमानत दे दी, लेकिन रामपुर की अदालत द्वारा सुनाई गई सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. रामपुर के फैसले के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति समित गोपाल ने जमानत दी, पर आगे की राहत नहीं दी.

रामपुर की अदालत ने इस मामले में खान को 10 साल कैद की सजा सुनाई थी. चूंकि उच्च न्यायालय ने सजा निलंबित नहीं की है, इसलिए अपील में उसे पलटे जाने तक दोषसिद्धि बरकरार रहेगी. गुरुवार का आदेश सिर्फ उस अपील के दौरान उनकी आजादी से जुड़ा है.

खान उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकारों में मंत्री रहे हैं और रामपुर से कई बार विधायक रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों में उनके खिलाफ कई मामले चले हैं, जिनमें दो पैन कार्ड वाला मामला एक है.

गुरुवार का आदेश ऐसे दिन आया जब उत्तर प्रदेश की अदालतें और राज्य की राजनीति कई मोर्चों पर चर्चा में थीं. यह आदेश राज्य के व्यस्त राजनीतिक कैलेंडर के बीच आया है.

जमानत की शर्तें, जैसे किसी जमानत राशि का ब्योरा या खान को किस तारीख तक ट्रायल कोर्ट में पेश होना है, जिस आदेश की जानकारी सामने आई है उसमें तत्काल उपलब्ध नहीं थीं.

उच्च न्यायालय ने जो फर्क किया, वह अहम है — जमानत हां, सजा पर रोक नहीं. जमानत तय करती है कि दोषी अपील की अवधि कहां बिताएगा. सजा पर रोक तय करती है कि दोषसिद्धि इस बीच लागू रहेगी या नहीं, जिसका असर अयोग्यता और रिकॉर्ड पर पड़ता है. खान की कानूनी टीम आने वाले हफ्तों में इसी पर जोर देगी.

समाजवादी पार्टी के लिए यह आदेश रोहिलखंड के अपने सबसे प्रमुख मुस्लिम चेहरे को हिरासत से बाहर लाता है, ऐसे समय में जब पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन मजबूत कर रही है. राज्य सरकार के लिए मामला अपील के जरिए आगे चलेगा.

रामपुर खान, उनके परिवार और नगरपालिका तथा संपत्ति विवादों से जुड़ी लंबी राजनीतिक और कानूनी लड़ाई का केंद्र रहा है, जिसका एक हिस्सा पैन कार्ड मामला भी है.