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638 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि खाली कराई: मुख्यमंत्री सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि गोलाघाट, होजई और नगांव जिलों में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत 638 हेक्टेयर से अधिक भूमि खाली कराई गई, जिसे उन्होंने अपने प्रशासन का 'रुद्र रूप' बताया। करीब 1,000 परिवार विस्थापित हुए।

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गुवाहाटी: असम सरकार ने पिछले कुछ दिनों में गोलाघाट, होजई और नगांव जिलों में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियानों के तहत 638 हेक्टेयर से अधिक अतिक्रमित भूमि खाली कराई है, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के मुताबिक पिछले सप्ताह चलाए गए इन अभियानों में करीब 1,000 परिवारों को संरक्षित क्षेत्रों से हटाया गया, ताकि वन भूमि पर अतिक्रमण हटाया जा सके।

सोशल मीडिया पोस्ट में अभियानों का नतीजा बताते हुए सरमा ने कहा कि प्रशासन ने तीन जिलों में बड़े पैमाने पर भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारे प्रशासन का 'रुद्र रूप' तीन जिलों के अतिक्रमणकारियों पर बरसा, जो गोलाघाट, होजई और नगांव में बड़े भूभाग पर अवैध कब्जा किए हुए थे।"

उन्होंने कहा कि सरकार असम के हितों की रक्षा के लिए काम जारी रखेगी और हाल के अभियानों में 638 हेक्टेयर से अधिक भूमि खाली कराई गई है।

वन क्षेत्रों सहित कथित अतिक्रमित भूमि को वापस लेने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों में अतिक्रमण हटाओ अभियान अहम रहे हैं। मुख्यमंत्री और अधिकारियों के मुताबिक तीन जिलों में हाल के अभियानों से चिह्नित क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाया गया।

सरकार का कहना है कि सार्वजनिक भूमि की रक्षा और राज्य के हितों को सुरक्षित रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है। यह अभियान भूमि और वन अतिक्रमण पर प्रशासन की सबसे चर्चित कार्रवाइयों में से है और इसने हटाए गए भूभाग तथा विस्थापन के पैमाने पर ध्यान खींचा है।

अधिकारियों ने कहा कि गोलाघाट, होजई और नगांव में अभियान पिछले सप्ताह चलाए गए और खाली कराई गई भूमि को राज्य के नियंत्रण में लाया जाएगा।