अमरावती: स्थानीय निकाय चुनावों में हमले, गिरफ्तारी और नामांकन में रुकावट के बावजूद हम चुनाव से पीछे नहीं हटेंगे, यह साफ किया वायएसआर कांग्रेस पार्टी के राज्य समन्वयक सज्जला रामकृष्ण रेड्डी ने मंगलवार को।
रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिवेंदुला में नामांकन के लिए गए विपक्षी उम्मीदवारों पर पुलिस ने बिना वजह गोली चलाई, और उस घटना की सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि तेलुगू देशम पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार नामांकन रोक रही है, वापसी के लिए दबाव बना रही है और नामांकन खारिज कराकर 'निर्विरोध जीत' मना रही है। कडपा में 40 से 50 संभावित उम्मीदवारों को रोके जाने और 10 से 12 नामांकन खारिज होने का दावा भी किया।
उन्होंने कहा कि दुग्गिराला के दलित नेता राजय्या पर निवारक निरोध कानून के तहत कार्रवाई की गई और पुलिस प्रमाणपत्र तथा जाति प्रमाणपत्र लंबित रखे जा रहे हैं।
19 अक्टूबर को वायएसआरसीपी ने नामांकन की समयसीमा बढ़ाने और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के 18 अक्टूबर के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। दूसरी ओर, तेलुगू देशम ने वायएसआरसीपी पर 'गुंडागर्दी' का एजेंडा होने का आरोप लगाया। वायएसआरसीपी नेताओं ने चुनाव आयोग से 59 पुलिस अफसरों को चुनाव ड्यूटी से हटाने की मांग भी की।
वायएसआरसीपी महासचिव एल. अप्पी रेड्डी ने अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड महफूज ए. नाजकी के जरिये विशेष अनुमति याचिका दायर की। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट को नामांकन प्रक्रिया के दौरान पुंगनूर, रायचोटी, कडपा और तिरुपति में हिंसा की घटनाओं की जानकारी दी; कडपा में नामांकन पत्र छीने और फाड़े जाने का भी आरोप लगाया।
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59 अफसर, फटे नामांकन और सुप्रीम कोर्ट की दौड़; वायएसआरसीपी पीछे नहीं हटी
स्थानीय निकाय चुनाव में हमले, गिरफ्तारी और नामांकन में रुकावट का आरोप लगाते हुए वायएसआरसीपी सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। पार्टी ने पुलिवेंदुला में कथित पुलिस फायरिंग की भी जांच की मांग की है।
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