अमरावती : आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य के सभी 100 शहरी स्थानीय निकायों की चल रही चुनाव प्रक्रिया तुरंत रोक दी है. इस फैसले से राज्य में स्थानीय चुनावों का कार्यक्रम फिर अनिश्चित हो गया है.
इस बीच, उपमुख्यमंत्री और जनसेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण ने गुरुवार को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के आवास पर मुलाकात की. बताया गया कि वे बिना किसी सुरक्षा या काफिले के अकेले पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक बैठक में स्थानीय चुनाव, बागियों की समस्या और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर चर्चा हुई. शहरी निकाय चुनावों की स्थगिती पर भी बात हुई.
कडप्पा जिले में राजनीतिक माहौल गरम है. जेडपीटीसी और एमपीटीसी चुनावों के नामांकन के पहले ही दिन कई वायएसआर कांग्रेस नेताओं को एहतियातन घर में नजरबंद किया गया. इनमें प्रोद्दुटूर में विधायक रमेश यादव, बदवेल में विधायक दासरी सुधा, वेम्पल्ली में पूर्व विधायक एस. सतीश रेड्डी और कामलापुरम के वायएसआरसीपी प्रभारी नरेन रेड्डी शामिल हैं.
कडप्पा जिला परिषद कार्यालय के आसपास कड़ी सुरक्षा थी. दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिस पर पुलिस को हल्की बल का इस्तेमाल करना पड़ा.
तिरुपति जिले के श्रीकालाहस्ती क्षेत्र के ठोट्टांबेडू मंडल में वायएसआरसीपी उम्मीदवार की मोटरसाइकिल जलाने की घटना हुई. तिरुपति के सांसद एम. गुरुमूर्ति ने हमले की निंदा करते हुए पुलिस पर आरोप लगाए. पूर्व विधायक चेविरेड्डी भास्कर रेड्डी को तिरुपति कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किया गया.
राज्य निर्वाचन आयोग के फैसले के पीछे की वजहों की आधिकारिक घोषणा अब तक नहीं हुई है. चुनाव टलने से सत्ताधारी और विपक्ष दोनों की रणनीति बदल सकती है. स्थानीय निकाय चुनाव राज्य की आगे की राजनीतिक दिशा का अहम पड़ाव माने जाते हैं.