अमरावती: आंध्र प्रदेश में 13 में से सात नगर निगम और 86 में से 75 नगरपालिका-नगर पंचायतों पर टीडीपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कब्जा कर लिया है। बुधवार सुबह मतगणना में यह तस्वीर सामने आई और राज्य के शहरी निकायों का 2021 वाला नक्शा पलट गया।
गठबंधन पांच और नगर निगमों तथा छह नगरपालिकाओं में आगे था। 17 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में उसके अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए।
सबसे बड़ा झटका कडप्पा जिले में लगा, जो पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी का गढ़ है। जिले के 279 वार्डों में से वाईएसआरसीपी को सिर्फ सात मिले। सत्तारूढ़ गठबंधन ने वहां छह नगरपालिकाएं बिना मुकाबले जीतीं। रेड्डी के पुलिवेंदुला विधानसभा क्षेत्र में टीडीपी की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार तुगुटला गीता कुमारी 13,875 मतों के अंतर से जीतीं।
2021 में वाईएसआरसीपी ने सभी 13 नगर निगम और 87 में से 86 नगरपालिकाएं जीती थीं। इस बार उसके हाथ अनंतपुर नगर निगम ही लगने की संभावना है। उसने नंदिकोटकुर नगरपालिका जीती और नायडुपेटा व बेथमचेरला में आगे है। चक्रवात मुरासू की भारी बारिश के कारण चिराला नगर निगम की मतगणना शुक्रवार तक टाल दी गई।
मतदान एक नवंबर को हुआ था। टीडीपी ने 13, जनसेना ने दो और भाजपा ने एक महापौर पद के उम्मीदवार उतारे थे, जबकि वाईएसआरसीपी ने सभी 13 सीटों पर चुनाव लड़ा।
टीडीपी के प्रदेश अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव ने कहा कि नतीजे "मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मंत्री नारा लोकेश के नेतृत्व पर लोगों के भरोसे" को दिखाते हैं। लोकेश ने एक्स पर लिखा कि यह जनादेश "जश्न मनाने का नहीं, सेवा करने का" है।
जगन मोहन रेड्डी ने नतीजे खारिज किए। एक्स पर उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ गठबंधन, पुलिस और राज्य चुनाव आयोग ने नामांकन व जांच से लेकर उम्मीदवारी वापसी, मतदान और मतगणना तक हर चरण में प्रक्रिया से छेड़छाड़ की। "उम्मीदवार आपने चुने, जनता ने उन्हें चुना ही नहीं! यह अब चुनाव नहीं, चयन है!" उन्होंने चुनाव सुधारों की मांग की।