विजयवाड़ा: वाईएसआरसीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने राज्यपाल एस अब्दुल नज़ीर से नगरीय निकाय चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ गठबंधन उनके उम्मीदवारों को डरा-धमका कर नामांकन भरने से रोक रहा है और पुलिस तंत्र का दुरुपयोग कर रहा है।
लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात के बाद जगन ने कहा कि उन्होंने कथित गैर-लोकतांत्रिक तरीकों की जानकारी दी और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए पूरी प्रक्रिया में केंद्रीय बलों की तैनाती और सीसीटीवी निगरानी की मांग की।
उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को नामांकन भरने से रोका जा रहा है, जबकि तेलुगु देशम पार्टी के समर्थकों को बड़ी संख्या में नामांकन केंद्रों में आने दिया जा रहा है, जहां उनके उम्मीदवारों पर हमले हुए। उन्होंने पुलिस पर सत्तारूढ़ गठबंधन का पक्ष लेने का भी आरोप लगाया।
जगन ने कहा, "राज्य में आठ जगहों पर कोई नामांकन नहीं भरा गया। 19 जगहों पर सिर्फ 36 प्रतिशत नामांकन पत्र भरे गए, जबकि आठ अन्य जगहों पर वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र फाड़ दिए गए।" पुलिवेंदुला में 36 वार्डों में सिर्फ 19 नामांकन हुए, उन्होंने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि तिरुपति, कडपा, कामलापुरम, रायचोटी, पुंगनूर, दर्सी, गुरजाला, दाचेपल्ली, पिडुगुरल्ला, बडवेल और राजमपेट समेत कई जगहों पर हिंसा हुई।
इससे पहले जगन ने राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेथा से मुलाकात की और अपने दावे के मुताबिक सबूतों के साथ शिकायत दी। उन्होंने कहा कि आयुक्त ने आश्वासन दिया कि जो भी चुनाव लड़ना चाहता है, उसे नामांकन भरने का मौका मिलेगा।
उन्होंने कहा कि कानूनी रास्ते समेत सभी विकल्प आजमाए जाएंगे। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने चुनाव अधिकारियों के मामले में जगन पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया है।