नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को यमुना नदी की सफाई और पुनरोद्धार के लिए 8,941 करोड़ रुपये की 43 जल और सीवेज परियोजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने इसे राजधानी की प्रदूषित नदी का दीर्घकालीन समाधान बताया।
दिल्ली जल बोर्ड के जरिए चलने वाले इस पैकेज में आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, बाहरी दिल्ली तक पहुंचने वाला विस्तारित सीवर नेटवर्क और उन्नत जल शोधन ढांचा शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक मकसद बिना शोधित औद्योगिक और घरेलू गंदे पानी को नदी में जाने से रोकना है।
दिल्ली के एक कार्यक्रम में शाह ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। "प्रदर्शनों से कुछ हासिल नहीं होता," उन्होंने कहा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अपनी "नकारात्मक राजनीति" की वजह से 30 साल तक चुनाव नहीं जीत पाएगी।
इससे पिछले दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य नेता राजघाट की ओर रवाना हुए थे, जिससे कनॉट प्लेस इलाके में दिनभर जाम रहा।
शहर से बहने वाली यमुना के भारी प्रदूषण को लेकर दिल्ली की लगातार आलोचना होती रही है। अधिकारियों ने कहा कि नए प्लांट सीवेज को स्रोत पर ही शोधित करेंगे और नदी में जाने वाले बिना शोधित कचरे का बोझ घटाएंगे।
बढ़ते सीवेज के बोझ को संभालने के लिए ये प्लांट बनाए जाएंगे, जबकि सीवर नेटवर्क के विस्तार से बिना सीवर वाली कॉलोनियां भी सिस्टम में आएंगी। परियोजनाएं पूरी दिल्ली में फैली हैं और बाहरी दिल्ली पर खास जोर है।
हाल के महीनों में शहर के लिए बड़ी एक-दिवसीय ढांचागत घोषणाओं में यह एक है। अधिकारियों ने कहा कि काम चरणों में शुरू होंगे।