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दिवाली घर पर मनाइए: सीजेपी के दीपके का कार्यकर्ताओं से आग्रह

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलनकारियों से दिवाली घर पर मनाने की अपील की। उन्होंने आंदोलन की फ्रांस से तुलना को गलत बताया।

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दिवाली घर पर मनाइए: सीजेपी के दीपके का कार्यकर्ताओं से आग्रह

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन में शामिल लोगों से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को अपील की कि वे फिलहाल अपने घर लौटकर परिवार के साथ दिवाली मनाएं।

'एक्स' पर वीडियो में दीपके ने अपनी भावनाएं जताईं। जेल में बंद साथियों सौरव दास और आशुतोष रांका की याद में वे भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आशुतोष और सौरव जेल से बाहर आने के बाद पूरा देश उन्हें सलाम करेगा।

सीजेपी के आंदोलन की फ्रांस की हिंसा से तुलना करने वालों को भी दीपके ने जवाब दिया। उन्होंने साफ किया कि भारत का आंदोलन और फ्रांस के हालात पूरी तरह अलग हैं।

"हम नफरत के खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन ध्यान रखना होगा कि यह नफरत हमारे मन में न घुसे। जो हमसे नफरत करते हैं, हम उन जैसे न बनें। प्यार, करुणा और इंसानियत ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है," उन्होंने कहा।

दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में दशहरे पर रावण के पुतलों के साथ एक बड़े कॉकरोच का पुतला जलाने की तैयारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपके ने संबंधित रामलीला समिति को तंज भरे अंदाज में संदेश दिया, "मुफ्त पब्लिसिटी के लिए शुक्रिया।"

इस बीच, 'पीपल अगेंस्ट एसआईआर' नाम के संगठनों के मोर्चे ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को 'पीपल्स मार्च टू रिक्लेम डेमोक्रेसी' नाम से देशव्यापी मार्च का ऐलान किया है। मोर्चे के मुताबिक ये मार्च तहसील, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर निकाले जाएंगे।

सीजेपी के आंदोलन से दूर रही कांग्रेस की नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) समेत कई छात्र संगठनों ने कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एनएसयूआई ने मंगलवार को देशव्यापी पुतला दहन कार्यक्रम किया।

इस बीच, सौरव दास और आशुतोष रांका ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी और रात में सुनवाई की मांग की। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों की न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ाई थी और कहा था कि उनका आचरण कानून के प्रति कोई सम्मान नहीं दिखाता।