ओ. बी. सी., ई. बी. सी. और डी. एन. टी. छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति-डी. एन. एच. और डी. डी
योजना के बारे में
भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा भारत में अध्ययन करने के लिए ओ. बी. सी., ई. बी. सी. और डी. एन. टी. छात्रों के लिए मैट्रिक के बाद छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य अन्य पिछड़े वर्गों (ओ. बी. सी.), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों (ई. बी. सी.) और विमुक्त, खानाबदोश और अर्ध-घुमंतू जनजातियों (डी. एन. टी.) के छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जो मैट्रिक के बाद या माध्यमिक के बाद के चरण में अध्ययन कर रहे हैं ताकि वे अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। इस योजना के माध्यम से, भारत में मान्यता प्राप्त मैट्रिक के बाद और माध्यमिक के बाद के पाठ्यक्रमों में भाग लेने वाले योग्य छात्रों को शैक्षणिक भत्ता और शिक्षण शुल्क सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना को राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन द्वारा लागू किया जाता है। छात्रवृत्ति केवल भारत में अध्ययन के लिए उपलब्ध है और यह उस राज्य/केंद्र शासित प्रदेश द्वारा प्रदान की जाती है जिससे आवेदक स्थायी रूप से संबंधित है। इस योजना में मान्यता प्राप्त संस्थानों में वरिष्ठ माध्यमिक, डिप्लोमा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों सहित मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम शामिल हैं। छात्रवृत्ति सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डी. बी. टी.) के माध्यम से छात्रों के बैंक खातों में सीधे जारी की जाती है। योग्य छात्र ट्यूशन और छात्रावास शुल्क के पूर्व भुगतान के बिना फ्रीशिप कार्ड के माध्यम से प्रवेश के भी हकदार हैं। छात्रवृत्ति संतोषजनक शैक्षणिक प्रदर्शन और उपस्थिति आवश्यकताओं के अधीन पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के लिए देय रहती है। > * * उद्देश्य: * * 1 मैट्रिक के बाद या माध्यमिक के बाद के चरण में पढ़ने वाले ओ. बी. सी., ई. बी. सी. और डी. एन. टी. छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना। 1. योग्य छात्रों को छात्रवृत्ति सहायता के माध्यम से अपनी शिक्षा पूरी करने में सक्षम बनाना। परिभाषाएँ: * * * * समूह 1: डिग्री और स्नातकोत्तर स्तर के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों * * * और * * का अर्थ होगा चिकित्सा, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, योजना, वास्तुकला, डिजाइन, फैशन प्रौद्योगिकी, कृषि, पशु चिकित्सा और संबद्ध विज्ञान, प्रबंधन, व्यवसाय वित्त/प्रशासन, कंप्यूटर विज्ञान/अनुप्रयोग (ii) प्रबंधन और चिकित्सा की विभिन्न शाखाओं में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम (iii) सी. ए./आई. सी. डब्ल्यू. ए./सी. एस./1. सी. एफ. ए., आदि। (iv) एम. फिल., पी. एच. डी. और पोस्ट-डॉक्टरल कार्यक्रम (डी. लिट., डी. एससी.) आदि) ग्रुप I, ग्रुप II और ग्रुप Ill पाठ्यक्रम। (v) एल. एल. बी., इंटीग्रेटेड एल. एल. बी., एल. एल. एम. (vi) भारत सरकार के संस्थानों से वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस पाठ्यक्रम (हेलीकॉप्टर पायलट और मल्टी इंजन सहित) (प्रति वर्ष अधिकतम 20 स्थान)-समूह 2: डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और एम. एड. तक जाने वाले अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का अर्थ डिग्री, एम. एड. तक जाने वाले सभी व्यावसायिक पाठ्यक्रम होंगे। / एम। फार्मेसी (बी. फार्मा) जैसे क्षेत्रों में फार्मा., डिप्लोमा, सर्टिफिकेट। ), नर्सिंग (बी नर्सिंग), बी. एफ. एस., अन्य परा-चिकित्सा शाखाएँ जैसे पुनर्वास, निदान, आदि, जन संचार, होटल प्रबंधन और खानपान, यात्रा/पर्यटन/आतिथ्य प्रबंधन, आंतरिक सजावट, पोषण और आहार विज्ञान, वाणिज्यिक कला, वित्तीय सेवाएँ (जैसे। बैंकिंग, बीमा, कराधान आदि) जिसके लिए प्रवेश योग्यता न्यूनतम सीनियर है। माध्यमिक (10 + 2) और व्यावसायिक धारा, आई. टी. आई. पाठ्यक्रम और पॉलिटेक्निक जहां प्रवेश योग्यता बारहवीं कक्षा या उससे अधिक है। समूह 3: स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम का अर्थ होगा: ऐसे पाठ्यक्रम जो समूह 1 और समूह 2 के अंतर्गत नहीं आते हैं। बीए/बीएससी। / बी. कॉम आदि। एम. ए./एम. एससी./एम. कॉम आदि। समूह 4: सभी मैट्रिक के बाद के (दसवीं कक्षा के बाद के स्तर) गैर-डिग्री पाठ्यक्रमों का अर्थ होगा सभी मैट्रिक के बाद के स्तर के गैर-डिग्री पाठ्यक्रम जिनके लिए प्रवेश योग्यता हाई स्कूल (दसवीं कक्षा) है, जैसे। वरिष्ठ माध्यमिक प्रमाणपत्र (कक्षा 11 और 12); सामान्य और व्यावसायिक दोनों धारा, आई. टी. आई. पाठ्यक्रम, पॉलिटेक्निक में 3-वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम, आदि। - विभिन्न समूहों में पाठ्यक्रमों की सूची सांकेतिक है और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में निर्धारित मानकों के अनुसार पाठ्यक्रम जोड़ सकते हैं। फ्रीशिप कार्ड का अर्थ होगा: राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा जारी एक कार्ड जो इस योजना के तहत छात्रवृत्ति के लिए पात्र छात्र को शिक्षण शुल्क और छात्रावास शुल्क के पूर्व भुगतान के बिना किसी संस्थान में प्रवेश लेने का अधिकार देता है। <बीआर>
लाभ
छात्रवृत्ति में पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के लिए निम्नलिखित घटक शामिल हैंः * * क्र. सं. नहीं। पाठ्यक्रमों की श्रेणी * * * * वार्षिक शैक्षणिक भत्ता (रुपये में) * * * वार्षिक शिक्षण शुल्क (रुपये में) * * * * कुल (रुपये में) * * * 1 समूह 1: डिग्री और स्नातकोत्तर स्तर के व्यावसायिक पाठ्यक्रम 10,000/- 10,000/- 20,000/- 2 समूह 2: डिग्री, डिप्लोमा, प्रमाण पत्र 8,000/- 5,000/- 13,000/- 3 की ओर ले जाने वाले अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम समूह 3: स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम जो समूह I के अंतर्गत नहीं आते हैं और समूह II6,000/- 2,000/- 8,000/- 4 समूह 4: मैट्रिक के बाद के सभी (कक्षा X के बाद के स्तर) गैर-डिग्री पाठ्यक्रम शैक्षणिक भत्ते के उद्देश्य से दिन के विद्वानों के रूप में माना जाएगा। पत्राचार/ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से अध्ययन करने वाले छात्र शैक्षणिक भत्ते के लिए पात्र नहीं होंगे। * * नोट 02: * ऑनलाइन/पत्राचार छात्रों को शिक्षण शुल्क का भुगतान किया जाएगा। * * टिप्पणी 3: * * राज्य सरकारें, यदि वे ऐसा करने का निर्णय लेती हैं, तो अपने स्वयं के संसाधनों से शैक्षणिक भत्ते का भुगतान कर सकती हैं। * * नोट 04: * राज्य और केंद्र सरकार दोनों की ओर से पूरी छात्रवृत्ति राशि, जिसमें शिक्षण शुल्क, शैक्षणिक भत्ता और कोई अन्य स्वीकार्य भत्ता शामिल है, का भुगतान सीधे छात्रों के खाते में केवल डीबीटी के माध्यम से अधिमानतः आधार आधारित भुगतान प्रणाली (आधार भुगतान सेतु) के माध्यम से किया जाएगा। नोट 05: एम. बी. बी. एस. पाठ्यक्रम में इंटर्नशिप/हाउसमैनशिप की अवधि के लिए या अन्य पाठ्यक्रमों में व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किया जाएगा यदि छात्र को इंटर्नशिप अवधि के दौरान कुछ पारिश्रमिक या अन्य पाठ्यक्रमों में व्यावहारिक प्रशिक्षण के दौरान कुछ भत्ता/वजीफा प्राप्त होता है। <बीआर>
पात्रता
- The scholarships will be open to Indian nationals belonging to OBCs, EBCs, and DNTs, as notified by the UT Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu Admin.
- These scholarships will be given for the study of all recognised post-matriculation or post-secondary courses pursued in recognised institutions as specified in para 3 of the Guidelines. 1. Only those candidates who belong to OBCs/EBCs/DNTs so specified in relation to the State/UT to which the applicant actually belongs, i.e. permanently settled and who have passed the Matriculation or higher secondary or any higher examination of a recognized University or Board of Secondary Education will be eligible.
- Students studying in the XI Class of the Higher Secondary School courses or the XII class of the Multipurpose High School will not be eligible for it being a continuous school course. However, in cases, where the 10th Class examination of such courses is treated as equivalent to Matriculation and students who after passing the 10th Class join other courses, such students will be treated as post-matric students and will be eligible for the award of scholarships.
- Students pursuing Post-graduate courses in medicine will be eligible only if they are not allowed to practice during the period of their course.
- Students who after failing or passing the Under Graduate/Post-Graduate examinations in Arts/Science/Commerce join any recognized professional or Technical certificate/diploma/degree courses will be awarded scholarships if otherwise eligible. No subsequent failure will be condoned except for courses in Group '1' and no further change in the course will be allowed thereafter.
- Students, who pursue their studies through correspondence/online courses, are also eligible. The term correspondence includes distance and continuous education for courses in Central/State Universities only.
- Only two boys of the same parents/guardians will be entitled to receive scholarships. This restriction will, however, not apply to girls. Accordingly, scholarships availed by girls of the same parents/guardian will not adversely affect the admissibility of availing scholarships upto two boys of the same parents/guardian.
- A scholarship holder under this Scheme will not hold any other scholarship/stipend. If awarded any other scholarship/stipend, the student can exercise his/her option for either of the two Scholarships/stipends, whichever is more beneficial to him/her, and should inform the awarding authority through the Head of the Institution about the option made. No scholarship will be paid to the students under this Scheme from the date he/she accepts any other scholarships/ stipend. The student can, however, accept free lodging or a grant or ad-hoc monetary help from the State Government or any other source for the purchase of books, and equipment or for meeting the expenses on board and lodging, in addition to the scholarship amount paid under the Scheme.
- Scholarship holders who are receiving coaching in any of the pre-examination training centers with financial assistance from the Central Government/ State Government will not be eligible for a stipend under the coaching schemes for the duration of the coaching programme.
- The ceiling on the age limit for admission as regular students in different classes should be decided by concerned Institutions.
- Employed students whose income combined with the income of their parents/guardians does not exceed ₹2.50 lakhs per annum shall be eligible for post-matric scholarship.
- Unemployed students whose parents/guardians' income from all sources does not exceed ₹2.50 lakhs per annum will be entitled to the scholarship under the scheme.
Note: Income Certificate is required to be taken once only; i.e. at the time of admission of courses, which are continuing for more than one year.
Other Conditions for the Award:
- The scholarship is provided on the basis of satisfactory progress and conduct of the scholars. If it is reported by the Head of the Institution at any time that a scholar has, by reasons of his/her own act or default, failed to make satisfactory progress or has been guilty of misconduct such as resorting to or participating in strikes, irregularity in attendance without the permission of the authorities concerned, etc., the authority sanctioning the scholarships may either cancel the scholarship or stop or withhold further payment of scholarship for such period as it may think fit.
- If a student is found to have obtained a scholarship by false statement his/her scholarship will be cancelled forthwith and the amount of the scholarship paid will be recovered, at the discretion of the concerned State Government. The student concerned will be blacklisted and debarred for scholarship under any scheme forever.
- A scholarship awarded may be cancelled if the scholar changes the subject of the course of study for which the scholarship was originally awarded or changes the institution of study, without prior approval of the State Government. The Head of the Institution shall inform such cases to the scholar and stop payment of the scholarship money. The amount already paid may also be recovered at the discretion of the State Government.
- A scholar is liable to refund the scholarship amount at the discretion of the State Government, if during the course of the year, the studies for which the scholarship has been awarded, are discontinued by him/her
Duration and Renewal of Awards:
- The award once made will be payable up to the completion of the course subject to satisfactory academic performance and attendance of 75% in every academic year. The attendance will be verified through an Aadhaar-based attendance System.
- If a scholar is unable to appear in the annual examination owing to illness, the award may be renewed subject to the production of a medical certificate from a prescribed authority and acceptance of the same by the institution /college.
- If, according to the Regulations of a University/Institution, a student is promoted to the next higher class even though he/she may not have actually passed in the lower class and is required to take an examination of the junior class again after some time, he/she will be entitled to scholarship for the class to which he/she is promoted if the student is otherwise eligible for scholarship. Further, in case a student fails in any class and then again joins the same class as a regular student, he/she will be eligible for a scholarship for one additional year or the actual period, whichever is lower.
- If a scholar pursuing a Group I course fails in the examination for the first time, the award may be renewed. For second and subsequent failures in any class, the student shall bear his/her own expenses until he/she secures promotion to the next higher class.
- The authentication through Aadhaar would be compulsory at the time of renewals, if not provided earlier at the time of admission.
Eligibility of Educational Institutions:
Scholarships will be given for the study of all recognized post-matriculation or postsecondary courses (Intermediate/Senior Secondary, Diploma, long-term Vocational Training Certificate, Graduate, Post Graduate courses, etc.) pursued in recognized Institutions/Universities/Colleges falling in any of the following 9 categories:
- Institutions of National Importance;
- Central University/State University/Autonomous colleges recognized by UGC and Universities/Colleges recognized under section 2(f) of the UGC Act;
- Deemed Universities;
- All Private Universities recognized by State/Centre;
- Private Professional Institutions affiliated with a recognized Central/State University and covered by a Fee Fixation Committee as mandated by the Supreme Court;
- Recognized schools/colleges for Classes XI and class XII;
- Diploma granting Institutions as recognized by State/UT Governments;
- Vocational Training Institutes affiliated to the National Council of Vocational Training (NCVT);
- Institutions affiliated/ approved by the appropriate bodies like NMC/AICTE etc. or any regulatory body established by State/UT/Centre.
आवेदन कैसे करें
Online
- सभी राजकीय शासित प्रदेश प्रशासन अप्रैल से योजना के विवरण की घोषणा करेंगे और राज्य के प्रमुख समाचार पत्रों में और अपनी संबंधित वेबसाइटों/छात्रवृत्ति पोर्टलों और मीडिया के अन्य माध्यमों के माध्यम से विज्ञापन जारी करके आवेदन आमंत्रित करेंगे। - आवेदक को आवेदन प्राप्त करने के लिए निर्धारित अंतिम तिथि से पहले इस उद्देश्य के लिए निर्दिष्ट पोर्टल पर निर्धारित प्राधिकारी को पूरा आवेदन जमा करना चाहिए। आवेदक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के निर्दिष्ट ऑनलाइन पोर्टल और राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकता है। आवेदन प्रक्रिया: राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल-* * छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन जमा करना राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल की वेबसाइट के माध्यम से आवश्यक दस्तावेजों के साथ किया जा सकता है: [https://scholarships.gov.in] (https://scholarships.gov.in) और * * नए आवेदक के लिए पंजीकरण: * * * * चरण 1: * * आधिकारिक एन. एस. पी. वेबसाइट खोलें और आवेदक कोने के नीचे & #39; [नया पंजीकरण] (https://scholarships.gov.in/registrations #/) और & #39 पर क्लिक करें। * * चरण 02: * * निर्देश/दिशानिर्देश पढ़ें, चेक बॉक्स पर क्लिक करके वचन प्रदान करें और फिर जारी रखें पर क्लिक करें। * * चरण 3: * * आवश्यक विवरण प्रदान करके पंजीकरण शुरू करें। पंजीकृत आवेदक: आधिकारिक एन. एस. पी. वेबसाइट खोलें और आवेदक कॉर्नर के नीचे & #39; [नया आवेदन] (https://scholarships.gov.in/fresh/loginPage) & #39 पर क्लिक करें। * * चरण 02: * * अपने आवेदन आईडी और पासवर्ड के साथ लॉग इन करें। * * चरण 3: * * छात्रवृत्ति का चयन करें। * * चरण 04: * आवेदक प्रपत्र भरें। * * चरण 05: * * आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और जमा करें। * * * (नोट: छात्रवृत्ति का लाभ उठाने के लिए विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आवेदन प्रक्रियाएं भिन्न हो सकती हैं; पात्र छात्र संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आईटी पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों का चयन: सभी योग्य ओ. बी. सी./ई. बी. सी./डी. एन. टी. उम्मीदवारों को योजना में निर्धारित पात्रता की शर्त के अधीन छात्रवृत्ति दी जाएगी, एक राज्य से संबंधित, लेकिन दूसरे राज्य में अध्ययन करने वाले उम्मीदवारों को उस राज्य द्वारा छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी जिससे वे संबंधित हैं और उस राज्य में सक्षम अधिकारियों को अपने आवेदन जमा करेंगे। शुल्क या अन्य रियायतों से छूट के मामले में भी उन्हें अपने राज्य में अध्ययन करने वाला माना जाएगा। इस योजना के लिए समय-सीमा: छात्रों द्वारा पंजीकरण के लिए पोर्टल खोलना-पंजीकरण के लिए पोर्टल को बंद करना: राजकीय द्वारा सत्यापन: केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड किए गए आंकड़ों के अनुसार एस. एन. ए. में केंद्रीय सहायता जारी करना: डी. बी. टी. प्रक्रिया का उपयोग करके राजकीय द्वारा छात्रवृत्ति का भुगतान (पहले): फ्रीशिप कार्ड जारी करने की प्रक्रिया: सभी पात्र छात्र योजना के अनुसार शिक्षण शुल्क और छात्रावास शुल्क का पूर्व भुगतान किए बिना संस्थानों में प्रवेश लेने के हकदार होंगे। इसे सक्षम बनाने के लिए, राजकीय द्वारा पात्र छात्रों को एक नि:शुल्क कार्ड जारी किया जाएगा। छात्र, प्रवेश की अपेक्षित तिथि से बहुत पहले, संबंधित छात्रवृत्ति पोर्टल पर एक फ्रीशिप कार्ड जारी करने के लिए पंजीकरण करेगा, जिसमें आधार संख्या, उस पाठ्यक्रम का नाम जिसमें वह प्रवेश लेना चाहता है (जैसे। एम. बी. बी. एस., बी. एस. सी., कक्षा 11 आदि) और एक वचन पत्र कि संस्थान के शुल्क का भुगतान उसके खाते में छात्रवृत्ति राशि की प्राप्ति की तारीख से 7 कार्य दिवसों के भीतर किया जाएगा। फ्रीशिप कार्ड के पंजीकरण के उद्देश्य से पोर्टल पूरे वर्ष खुले रहेंगे। आय, जाति और मैरिट विवरण का सत्यापन स्वचालित रूप से उन डेटाबेस से किया जाना चाहिए जो तत्काल सत्यापन के लिए ऑनलाइन जुड़े हुए हैं। प्रक्रिया पूरी तरह से कागज रहित होनी चाहिए। जब तक उपरोक्त प्रणाली को लागू नहीं किया जाता है, तब तक दस्तावेजों को स्कैन और अपलोड किया जा सकता है जिसमें शामिल हैं: एक पासपोर्ट आकार की तस्वीर, डिप्लोमा, डिग्री आदि के लिए प्रत्येक प्रमाण पत्र की प्रति। सभी उत्तीर्ण परीक्षाओं के संबंध में, अधिकृत अधिकारी द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित जाति प्रमाण पत्र, राजकीय द्वारा निर्धारित सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध आय प्रमाण पत्र। आदि। पोर्टल पर पंजीकरण के बाद, यदि छात्र पात्र पाया जाता है, तो सभी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश छात्रों से पंजीकरण अनुरोध प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर सत्यापन प्रक्रिया को पूरा कर लेंगे और आईटी पोर्टल के माध्यम से फ्रीशिप कार्ड जारी करेंगे, जिसमें उस पाठ्यक्रम का उल्लेख होगा जिसके लिए आवेदन किया गया है ताकि योग्य छात्रों को ट्यूशन शुल्क जमा करने में देरी के कारण प्रवेश से वंचित न किया जाए। छात्र के लिए पोर्टल से ही फ्री शिप कार्ड डाउनलोड करना संभव होना चाहिए। एक बार सभी आवश्यक प्रमाणपत्रों का पूर्ण डिजिटलीकरण हो जाने के बाद, यदि छात्र पात्र पाया जाता है, तो ऐसा फ्रीशिप कार्ड पंजीकरण के तुरंत बाद स्वचालित रूप से उत्पन्न हो जाएगा। - फ्रीशिप कार्ड में [अनुलग्नक-1] (https://socialjustice.gov.in/public/ckeditor/upload/65661651839791.pdf) में दिए गए विवरण होंगे और डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होंगे। प्रवेश के उद्देश्य से, फ्रीशिप कार्ड जारी होने की तारीख से एक साल की अवधि के लिए वैध रहेगा। यदि कोई छात्र किसी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले अपना पाठ्यक्रम बदलना चाहता है, तो वह आईटी पोर्टल पर लॉग इन करके ऐसा कर सकता है और सभी योग्य छात्रों के लिए एक नया फ्रीशिप कार्ड स्वचालित रूप से जारी किया जाएगा। - छात्रों के नवीनीकरण के मामले में, फ्रीशिप कार्ड के लिए नए पंजीकरण की कोई आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें एक बार जारी किया गया कार्ड पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के लिए मान्य होगा। <बीआर>
आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट आकार की तस्वीर
- शैक्षिक योग्यता मार्कशीट/प्रमाण पत्र
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध आय प्रमाण पत्र
- अधिवास प्रमाणपत्र
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति/सामुदायिक प्रमाण पत्र
- विकलांग प्रमाणपत्र, यदि लागू हो
- बैंक खाते का विवरण
- आवश्यकतानुसार कोई अन्य दस्तावेज
कौन पात्र नहीं है
<बीआर>
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- इस योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य मैट्रिक के बाद या माध्यमिक के बाद के चरण में पढ़ने वाले ओ. बी. सी., ई. बी. सी. और डी. एन. टी. छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि वे अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
ओ. बी. सी., ई. बी. सी., या डी. एन. टी. श्रेणियों से संबंधित भारतीय नागरिक, जो किसी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में स्थायी रूप से बसे हुए हैं और भारत में मान्यता प्राप्त मैट्रिक के बाद या माध्यमिक के बाद के पाठ्यक्रमों का अध्ययन कर रहे हैं, इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
- योजना के तहत पात्रता के लिए वार्षिक पारिवारिक आय सीमा क्या है?
सभी स्रोतों से आवेदक के परिवार की वार्षिक आय ₹2,50,000/- से अधिक नहीं होनी चाहिए
- छात्रवृत्ति योजना के तहत किस प्रकार के पाठ्यक्रम शामिल हैं?
इस योजना में कक्षा 11 और 12, आई. टी. आई., पॉलिटेक्निक, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, व्यावसायिक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों सहित मान्यता प्राप्त मैट्रिक के बाद और माध्यमिक के बाद के पाठ्यक्रम शामिल हैं।
- इस योजना के तहत छात्रवृत्ति की कितनी राशि प्रदान की जाती है?
छात्रवृत्ति राशि पाठ्यक्रम की श्रेणी के आधार पर प्रति वर्ष ₹5,000 से ₹20,000 तक होती है, जिसमें शैक्षणिक भत्ता और शिक्षण शुल्क सहायता शामिल है।
- क्या पत्राचार या ऑनलाइन माध्यम से अध्ययन करने वाले छात्र छात्रवृत्ति के लिए पात्र हैं?
हां, केंद्रीय या राज्य विश्वविद्यालयों के माध्यम से पत्राचार या ऑनलाइन पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने वाले छात्र इस योजना के तहत पात्र हैं।
- छात्रवृत्ति योजना के तहत फ्रीशिप कार्ड क्या है?
एक फ्रीशिप कार्ड योग्य छात्रों को छात्रवृत्ति राशि जारी होने तक ट्यूशन शुल्क और छात्रावास शुल्क के पूर्व भुगतान के बिना संस्थानों में प्रवेश लेने की अनुमति देता है।
- क्या कोई छात्र इस योजना के साथ एक और छात्रवृत्ति प्राप्त कर सकता है?
नहीं, कोई अन्य छात्रवृत्ति या वजीफा प्राप्त करने वाला छात्र इस योजना के तहत एक साथ लाभ नहीं उठा सकता है। छात्र को अधिक लाभकारी छात्रवृत्ति का चयन करना चाहिए।
- छात्रों को छात्रवृत्ति राशि कैसे वितरित की जाती है?
छात्रवृत्ति राशि को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डी. बी. टी.) के माध्यम से सीधे छात्र के बैंक खाते में स्थानांतरित किया जाता है, अधिमानतः आधार आधारित भुगतान प्रणाली का उपयोग करके।
- छात्रवृत्ति के नवीनीकरण के लिए क्या शर्तें हैं?
छात्रवृत्ति का नवीनीकरण संतोषजनक शैक्षणिक प्रदर्शन, अगली कक्षा में संवर्धन और प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति बनाए रखने के अधीन किया जाता है।