मुंबई: देश के डिजिटल भुगतान ने अक्टूबर में नया शिखर छुआ। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर उस महीने 25.47 अरब लेनदेन हुए और रोज की लेनदेन राशि पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये से ऊपर निकली।
यह आंकड़ा फिनटेक और स्टार्टअप क्षेत्र की कुल बढ़त का हिस्सा है। उस महीने कई कंपनियों ने फंडिंग और तिमाही नतीजे घोषित किए।
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की 'क्लिनिक्स ऑन क्लाउड' ने 12.5 मिलियन डॉलर की सीरीज-ए राशि जुटाई। टू पॉइंट ओ कैपिटल ने ट्रांजिशन वेंचर कैपिटल के नेतृत्व में 10 मिलियन डॉलर जुटाए।
कृषि तकनीक कंपनी देहात ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2,715 करोड़ रुपये की आमदनी दर्ज की। यात्रा तकनीक कंपनी टीबीओ डॉट कॉम टेक ने दूसरी तिमाही में 866 करोड़ रुपये की आमदनी और 76 करोड़ रुपये का मुनाफा बताया। कैपिलरी टेक्नोलॉजीज ने 271 करोड़ की आमदनी के साथ 22 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया और घाटे से बाहर आई।
डिजिटल कर्ज देने वाली मोबीक्विक ने दूसरी तिमाही में 11.8 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया।
भुगतान क्षेत्र में रेजरपे को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) से अंतिम लाइसेंस मिला। इससे गिफ्ट सिटी से सीमा पार भुगतान सेवा शुरू करने का रास्ता खुल गया।
प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने सचिन बंसल की फिनटेक कंपनी नावी में डच निवेश समूह प्रोसस के हिस्सेदारी खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
इलेक्ट्रिक दोपहिया सेगमेंट में टीवीएस मोटर ने अक्टूबर में भी बढ़त बनाए रखी। एथर एनर्जी की बिक्री 3 प्रतिशत बढ़ी, जबकि ओला की 10 प्रतिशत घटी।
वैल्यूक्वेस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स के ट्रिस्टार फंड ने उन्नत विनिर्माण में निवेश के लिए 2,100 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए।
इन आंकड़ों का मतलब यह है कि रोजमर्रा के छोटे भुगतानों के लिए यूपीआई देश का पहला विकल्प बन चुका है। रोज की रकम का लाख करोड़ के पार जाना इसका सीधा सबूत है।