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तिब्बत में 7 तीव्रता का भूकंप, 16 की मौत; सैकड़ों घर ढहे, 12 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर

चीन के तिब्बत (शीज़ांग) प्रदेश के नागकू शहर की बाचेन काउंटी में गुरुवार रात 7 तीव्रता का भूकंप आया। इसमें 16 लोगों की मौत हुई और 32 घायल हो गए। 300 से ज्यादा घर ढह गए और 12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

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ल्हासा : चीन के तिब्बत (शीज़ांग स्वायत्त प्रदेश) के नागकू शहर की बाचेन काउंटी में गुरुवार रात 10.33 बजे 7 तीव्रता का भूकंप आया। स्थानीय आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक भूकंप में 16 लोगों की मौत हुई और 32 घायल हुए।

घायलों में 11 की हालत गंभीर है, जबकि 21 को हल्की चोटें आई हैं। अधिकारियों के मुताबिक 300 से ज्यादा घर ढह गए। नुकसान का आकलन अभी जारी है।

भूकंप का केंद्र नागकू से करीब 190 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में और प्रादेशिक राजधानी ल्हासा से करीब 390 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में पहाड़ी इलाके में था। केंद्र की गहराई करीब 10 किलोमीटर थी। भूकंप के बाद कई झटके महसूस किए गए।

यह इलाका समुद्र तल से करीब 4,800 मीटर की ऊंचाई पर है। कड़ाके की ठंड, दुर्गम सड़कें और ऊंचे पहाड़ बचाव कार्य के लिए चुनौती बने हुए हैं। रात का तापमान जमा देने वाला होने के कारण लोगों ने तंबू और गाड़ियों में शरण ली।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पूरी ताकत से बचाव कार्य करने, घायलों का इलाज करने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने भी तत्काल राहत कार्य के आदेश दिए। 12,400 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

राज्य मीडिया के मुताबिक बचाव दल, दमकल कर्मी और पुलिस मौके पर पहुंच चुके हैं। यह इलाका भूकंप-प्रवण है, इसलिए यहां के बचाव दलों को पहाड़ी इलाकों में काम करने का अनुभव है। भूकंप के बाद पश्चिमी चीन के चिंगहाई प्रांत में भी 4.3 तीव्रता का एक भूकंप आया। स्थानीय अधिकारियों ने आपातकालीन प्रतिक्रिया का स्तर बढ़ाया और राज्य स्तर पर आपदा प्रतिक्रिया सक्रिय की गई। बचाव के लिए 347 दमकल कर्मी और 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। करीब 3,000 तंबू, 1,000 प्रीफैब्रिकेटेड घर, टॉर्च और सर्दियों के कपड़े मौके पर भेजे गए हैं। यह जनवरी 2024 के बाद चीन में आया सबसे तीव्र भूकंप माना जा रहा है। सड़कें और बिजली बाधित होने से कुछ गांवों तक पहुंचना मुश्किल बना है।