हैदराबाद: दिवाली की सुबह तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विपक्षी बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव यानी केटीआर पर सीधा वार किया. दाढ़ी और नेतृत्व को एक साथ जोड़कर उन्होंने केटीआर को लोमड़ी कहा.
रविवार सुबह बोलते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा, "जैसे लोमड़ी बाघ की धारियों की नकल से बाघ नहीं बन जाती, वैसे ही नकल से कोई बाघ नहीं बनता. सिर्फ दाढ़ी बढ़ाने से आप रेवंत रेड्डी नहीं बन जाते. उन्हें दाढ़ी बढ़ाने में 50 साल लगे. समझ आने में कितने साल और लगेंगे, यह ऊपरवाला जाने."
इसके बाद उन्होंने कहा, "जब तक नेता की सोच नहीं बदलेगी, तब तक तेलंगाना की जनता उन पर भरोसा नहीं करेगी."
यह तंज त्योहार के दिन ही लगा है, इसलिए सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी बीआरएस के बीच शब्दों की जंग फिर गरमा गई है. सदन में और सभाओं में दोनों नेताओं की टिप्पणियों की यह अगली कड़ी है.
तंज सिर्फ दाढ़ी पर नहीं है. सार्वजनिक जीवन में किसी की नकल करके नेतृत्व हासिल नहीं किया जा सकता, यह संदेश देने की कोशिश इसमें दिखती है. केटीआर की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अब तक नहीं आई है.
दिवाली के मौके पर सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष के नेतृत्व पर पहला वार किया, ऐसी चर्चा राजनीतिक गलियारों में है. तेलंगाना में फिलहाल किसी चुनाव की घोषणा नहीं हुई है, इसलिए यह टिप्पणी अभी बयान तक सीमित है.
रेवंत रेड्डी इससे पहले भी विपक्ष के कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं. आज के बयान ने बहस को व्यक्तिगत स्तर पर पहुंचा दिया है.
केटीआर बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं और विधानसभा में विपक्ष की आवाज हैं. रेवंत रेड्डी के इस बयान पर सदन में चर्चा होने की उम्मीद है.
त्योहार के दिन शुरू हुआ बयान और पलटवार का यह सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा. अगले कुछ दिनों में दोनों तरफ से जवाब आने की बात पार्टी हलकों में कही जा रही है.