हैदराबाद: के. कविता ने एक दरवाजा बंद किया और दूसरा खोला। पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) में लौटने की संभावना से इनकार कर दिया और अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने का ऐलान किया — तेलंगाना राष्ट्र सेना, यानी टीआरएस।
'मैं बीआरएस के साथ दोबारा काम नहीं करना चाहती,' उन्होंने कहा। उनका आरोप था कि पार्टी नेतृत्व ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर ध्यान नहीं दिया और कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि उनकी नई पार्टी तेलंगाना राज्य आंदोलन के अधूरे एजेंडे को आगे बढ़ाएगी।
उनका सबसे तेज हमला सत्तारूढ़ कांग्रेस पर था। कविता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की सरकार राज्य के संसाधनों का इस्तेमाल देशभर में पार्टी के कामों के लिए कर रही है और तेलंगाना को कांग्रेस का 'एटीएम' बना दिया है।
अपना अभियान उन्होंने रेवंत रेड्डी के ही विधानसभा क्षेत्र से शुरू किया और दावा किया कि इससे स्थापित दल असहज हैं। 'तेलंगाना में महिला मुख्यमंत्री का समय आ गया है,' उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि बीआरएस, भाजपा और कांग्रेस — तीनों नई चुनौती से परेशान हैं।
महिला आरक्षण विधेयक पर कविता ने कहा कि प्रस्तावित 33 फीसदी आरक्षण को परिसीमन से जोड़े बिना लागू किया जाना चाहिए। दोनों मुद्दों को जोड़ने से दक्षिणी राज्यों को नुकसान होगा और महिलाओं का प्रतिनिधित्व देर से मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान अगले लोकसभा चुनाव से पहले लागू होना चाहिए।
स्वास्थ्य और शिक्षा को उन्होंने अपनी पार्टी की प्राथमिकता बताया और दोनों मुफ्त करने का वादा किया। उन्होंने हैदराबाद की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और निजी स्कूलों की फीस की परवाहनीयता पर भी सवाल उठाया।