हैदराबाद: धरणी भूमि अभिलेख पोर्टल में कथित अनियमितता की जांच में अपराध जांच विभाग यानी सीआईडी ने कार्रवाई की है। कई संदिग्धों के घरों और दफ्तरों पर छापे पड़े और कम से कम चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्हें न्यायिक हिरासत में संगारेड्डी जेल भेजा गया है।
गिरफ्तार लोगों के नाम दादे शिवा, मंगली राजेंदर, दादे पवन कल्याण और ए. महेश हैं। इनमें से एक भुभारती पोर्टल का ऑपरेटर बताया जाता है। रामचंद्रापुरम थाने में जुलाई में यह मामला दर्ज हुआ था।
मामले का केंद्र कौकुर गांव की तीन एकड़ जमीन है। इसकी कीमत 90 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जाती है। यह जमीन एक शख्स के नाम दर्ज थी और बी. विनोद कुमार के नाम कर दी गई। तहसीलदार ने शिकायत में कहा है कि संबंधित आवेदन उनके दफ्तर के किसी मॉड्यूल में 27 जून 2026 से पहले नहीं दिखा। उनके दफ्तर ने न कोई जांच की, न प्रस्ताव बना और न मंजूरी दी।
सीआईडी अधिकारी जांच के ब्योरे नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ दिनों में पूरी जानकारी सामने रखी जाएगी।
राज्य सरकार ने मामले के लिए सात सदस्यीय विशेष जांच दल बनाया है, जिसकी अगुवाई डीजीपी रैंक की चारू सिन्हा कर रही हैं। निजी ठेकेदारों के चयन, निविदा, ठेका देने की प्रक्रिया के साथ पोर्टल के डिज़ाइन और डेटा सुरक्षा में चूक की भी जांच हो रही है।
राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने पहले बताया था कि फॉरेंसिक ऑडिट में अक्टूबर 2020 से 10,000 से ज्यादा संदिग्ध सौदे सामने आए हैं। ये सौदे रंगारेड्डी, मेडचल-मलकजगिरी, सिद्धिपेट, राजन्ना सिरसिल्ला, संगारेड्डी और वरंगल जिलों के बताए गए। ऑडिट की अवधि अक्टूबर 2020 से दिसंबर 2024 तक थी।
रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज, जमीन के रिकॉर्ड और वर्गीकरण में बदलाव, लाभार्थियों का ब्योरा और डिजिटल लॉग की जांच चल रही है। सूत्रों के मुताबिक कुछ ऑपरेटरों और दूसरे लोगों ने मिलकर मालिकाना रिकॉर्ड बदले। भूदान की जमीनों का हक निजी लोगों के नाम जाने का भी आरोप है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने 26 अक्टूबर 2020 को धरणी पोर्टल शुरू किया था। कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद उसे बंद कर 14 अप्रैल 2025 को भुभारती व्यवस्था लागू की गई।