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बिलों के बदले 25 फीसदी कमीशन की मांग; दो अधिकारी गिरफ्तार

पीएमकेएसवाय 2.0 परियोजना में बिल पास कराने के लिए 10 से 25 फीसदी कमीशन मांगने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया।

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हैदराबाद : लंबित बिल पास कराने और अतिरिक्त काम दिलाने के एवज में ठेकेदार से 10 से 25 फीसदी कमीशन मांगने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को दो सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया।

जयशंकर भूपालपल्ली जिले के भागीरथीपेट में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाय) 2.0 परियोजना से जुड़े परियोजना अधिकारी सतीश रेड्डी और तकनीकी अधिकारी राजू गिरफ्तार किए गए।

एसीबी के मुताबिक, इन अधिकारियों ने योजना के तहत पहले पूरे हो चुके कामों के बिल पास कराने और आगे काम दिलाने के लिए ठेकेदार से अवैध रकम मांगी। शिकायत में आरोप है कि मांग पूरी न होने पर लंबित भुगतान रोकने और अतिरिक्त ठेके न देने की धमकी दी गई।

जांच में पाया गया कि कुल 39.17 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई के जरिए भेजे गए। शिकायतकर्ता ने बैंक स्टेटमेंट और व्हाट्सएप बातचीत सबूत के तौर पर पेश किए।

जांच में यह भी सामने आया कि सतीश रेड्डी ने सातवें बिल से जुड़ी रकम पर अतिरिक्त 25 फीसदी कमीशन मांगा था।

भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 की धारा 7(ए), 7(बी) और 13(1)(बी) सह 13(2) के तहत एसीबी की वरंगल रेंज ने मामला दर्ज किया। दोनों को वरंगल की विशेष अदालत के सामने न्यायिक हिरासत के लिए पेश किया गया। आगे की जांच जारी है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, इन अधिकारियों ने काम पूरा होने के बाद भी बिल रोके हुए थे। पैसे न देने पर आगे काम न मिलने का डर बनाया जाता था। ठेकेदारों ने सिंचाई कामों के बिल लंबित होने की शिकायत की थी।

एसीबी ने बैंक लेनदेन और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच की। इस मामले में कुछ और लोगों की संलिप्तता की जांच जारी है।

भ्रष्टाचार के मामलों में सरकारी अधिकारियों पर कार्रवाई से योजना के क्रियान्वयन पर असर नहीं पड़ेगा, ऐसा अधिकारियों ने कहा। सतीश रेड्डी और राजू पर अवैध रकम अपने संपर्क वाले खातों में भेजने का आरोप है।

(नोट : आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं।)